वाइफ स्वैपिंग मामले में बनया पत्नी पर बयान बदलने का दवाब
- पति और देवर पर लगाया था रेप का आरोप
- पीड़िता पर बयान बदलने का डाला दवाब
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कानपुर के चकेरी के चर्चित वाइफ स्वैपिंग मामले में अब शहर काजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस भी कूद पड़े हैं। शहर काजी कुद्दूस ने आईजी जोन जकी अहमद को पत्र लिख मामले को बातचीत के माध्यम से ही सुलझाने की गुजारिश की है।
वहीं पीड़िता ने बताया कि शुक्रवार को दो आदमी उसके घर आए और शहर काजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस का संदेश देते हुए कहा कि इस मामले को पुलिस- कचहरी से दूर रख निपटाएं यही आपके लिए अच्छा होगा। पीड़िता ने बताया कि शहर काजी ने उसकी मां को फोन कर मामले को आपस में बैठकर बातचीत सुलझाने को कहा।
वाइफ स्वैपिंग पीड़िता ने विवेचक पर मजिस्ट्रेटी बयान बदलने का दबाव डालने का आरोप भी लगाया है। पीड़िता ने बताया कि बुधवार को एएसपी कैंट के ऑफिस में उसे और मामले के विवेचक अनुराग सिंह को बुलाया गया था।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि ऑफिस के बाहर विवेचक ने उससे कहा कि वह कोर्ट में हलफनामा दे कि मजिस्ट्रेटी बयान के समय उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था।
यहां पढ़ें क्या था पूरा मामला
नए मजिस्ट्रेटी बयान में घटना का दिन 4 जून 2015 की जगह 8 जून बताने को कहा है। बताते चलें कि 22 दिसंबर 2015 को चकेरी थाने में एक महिला ने अपने पति, उसके फुफेरे भाई के खिलाफ रेप, अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने, मारपीट, जान से मारने की धमकी, दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था।
पीड़िता ने कहा था जून में उसके पति ने बुआ के लड़के की गर्ल फ्रेंड के साथ सोने के बदले उसे भाई के साथ सुलाया था। बीते अगस्त में एक बार और पत्नी और गर्लफ्रेंड अदला बदली की गई। 24 दिसंबर को पीड़िता का मेडिकल और 20 जनवरी को मजिस्ट्रेटी बयान भी दर्ज हो चुका है।
शहर काजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस ने कहा, मैंने आईजी साहब को चिट्ठी लिखकर मामले को आपस में बातचीत जरिए सुलझाने को कहा है। दोनों परिवार इज्जतदार हैं पुलिस- कचहरी से दोनों का नुकसान हो रहा है। ये मसला बातचीत से सुलझ सकता है।
‘इस मामले में मुकदमा दर्ज है जिसकी विवेचना चल रही है। विवेचना गुण- दोष के आधार पर की जा रही है। शहर काजी ने पत्र लिखा था लेकिन उससे जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’
जकी अहमद, आईजी जोन