फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   why evary year organises tet in up says highcourt

हाईकोर्ट ने पूछा, यूपी में हर साल क्यों नहीं हो रहा TET

Fri, 12 Apr 2013 12:45 AM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
इलाहाबाद/ब्यूरो Updated Fri, 12 Apr 2013 12:45 AM IST
विज्ञापन
why evary year organises tet in up says highcourt

शिक्षक पात्रता परीक्षा हर साल आयोजित करने को लेकर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। सरकार से पूछा है कि यदि हर साल परीक्षा कराने की गाइड लाइन है तो ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है। इस मसले पर प्रदेश सरकार को दो सप्ताह में जवाब देना है।

विज्ञापन


मनीष कुमार श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए यह मुद्दा उठाया कि एनसीटीई की गाइड लाइन के मुताबिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाएगा।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011 के बाद अब तक कोई परीक्षा नहीं कराई है, जबकि इस बीच दो परीक्षाएं कराई जानी चाहिए थीं।

दूसरी ओर बीएड डिग्री धारकों को इस आधार पर शिक्षक भर्ती में मौका दिया जा रहा है कि पर्याप्त संख्या में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि टीईटी की अनिवार्यता को लेकर हाईकोर्ट की फुलबेंच सुनवाई कर रही है। उसमें बिना टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्री धारकों को सहायक अध्यापक बनाने का मामला भी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट की एक खंडपीठ द्वारा बीएड डिग्री धारकों को बिना टीईटी उत्तीर्ण किए ही अध्यापक भर्ती में शामिल करने के बाद बाद अब यह मामला पूर्णपीठ के समक्ष लंबित है। सरकार को जनहित याचिका पर दो सप्ताह में जवाब देना है।


फिलहाल मुख्य न्यायाधीश शिवकीर्ति सिंह और न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की खंडपीठ ने जनहित याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए प्रदेश सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस दौरान पूर्णपीठ के समक्ष भी सुनवाई होनी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed