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...जब गरीब रथ का ड्राइवर बोला, मैं ट्रेन नहीं चलाउंगा
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Tue, 28 May 2013 12:51 AM IST
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लखनऊ जंक्शन से रायपुर गरीब रथ के ड्राइवर ने अचानक एक जगह ट्रेन रोक दी और नजदीकी स्टेशन पर संपर्क कर परिचालन अधिकारियों तक ये बात पहुंचा दी कि वह अब ट्रेन नहीं चलाएगा।
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कानपुर से पहले पड़ने वाले गंगापुल के पास ट्रेन करीब आधे घंटे तक खड़ी रही। अफसर ट्रेन को किसी तरह कानपुर स्टेशन तक पहुंचाना चाहते थे तो ड्राइवर ट्रेन के संचालन में आने वाली दिक्कतों से परेशान था।
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लू के थपेड़ों के कारण ड्राइवर ट्रेन चलाने से मना कर रहा था ड्राइवर को मनाने में आधे घंटे लग गये।
दबाव पड़ने पर ड्राइवर ने किसी तरह धीमी गति में ट्रेन को कानपुर तक पहुंचाया तब कही जाकर परिचालन अधिकारियों ने राहत की सांस ली। यहां इंजन बदला गया और फिर ट्रेन रायपुर के लिये रवाना हो सकी।
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सोमवार को रेल प्रशासन के मुताबिक लखनऊ जंक्शन से रायपुर जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस के इंजन का शीशा लखनऊ से चलने के बाद गंगा पुल से पहले ही टूट गया था।
ड्राइवर समझ नहीं पाया कि शीशा किसी पत्थर से टूटा है या अत्यधिक धूप के कारण। शीशा टूटने के बाद तेज गर्म हवा सीधे ड्राइवर व सहायक ड्राइवर के आंखों में पड़ने लगी।
गंगापुल पर ही ड्राइवर ने ट्रेन खड़ी कर दी। उसके बाद उसने नजदीकी स्टेशन पर संपर्क करके पूरी स्थिति से अवगत कराया और ट्रेन को आगे चलाने से मना कर दिया।
ड्राइवर का कहना था कि दूसरा इंजन दिया जाए। शीशा टूटा होने के कारण उसे ट्रेन संचालन में दिक्कत आ रही है। लेकिन वहां दूसरा इंजन उपलब्ध न करवा पाने के कारण ड्राइवर को गंगा पुल से ट्रेन को कानपुर तक लाने का दबाव बनाया गया।
तब कही जाकर ट्रेन का संचालन कानपुर से दुरुस्त हो सका। इसके कारण ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब 50 मिनट विलंब से चल सकी।