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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   water scarcity

बूंद-बूंद पानी की चुकानी पड़ेगी कीमत

Wed, 01 May 2013 04:31 PM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
इलाहाबाद/ब्यूरो Updated Wed, 01 May 2013 04:31 PM IST
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water scarcity

वह दिन दूर नहीं जब पानी की बेतहाशा बर्बादी करना लोगों को महंगा पड़ेगा। उन्हें पानी की एक-एक बूंद का हिसाब देना होगा।

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इसके लिए हर घर में पानी की लाइन में मीटर फिट किए जाएंगे। मीटर लगने के बाद निर्धारित मात्रा से अधिक पानी खर्च करने पर टैक्स भी अधिक वसूला जाएगा।

पहले चरण में यह योजना जेएनएनयूआरएम कार्यों से जुड़े जिलों में लागू करने की है लेकिन इसमें शामिल इलाहाबाद के कई मोहल्लों में मीटर लगाना टेढ़ी खीर साबित होगा।

क्योंकि वहां लंबे समय से तकरीबन 15 हजार घरों से जलकल विभाग को टैक्स ही नहीं मिला है।

भूजल का बेतहाशा दोहन और गर्मी बढ़ने के साथ भूजल स्तर के लगातार गिरने से पेयजल की समस्या गंभीर होती जा रही है।

इससे केंद्र और प्रदेश सरकार की चिंता भी बढ़ गई है। ऐसे में पानी की बर्बादी रोकने के लिए ही घरेलू पाइप लाइनों में मीटर लगाने की तैयारी की गई है।

प्रमुख सचिव सीबी पालीवाल ने पहले चरण में जेएनएनयूआरएम कार्यों से जुड़े सात जिलों इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, मेरठ एवं मथुरा में इसे तत्काल लागू करने का आदेश दिया है। जलकल विभाग से कहा गया है कि यह काम निजी कंपनियों से कराया जाए।
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मीटर लगने के बाद घरों में पानी का इस्तेमाल अधिक होने पर बढ़ता हुआ मूल्य (वाल्यूमैंटिक टेलिस्कोपिक ब्लॉक टैरिफ) निर्धारित करने का निर्णय लिया है।

जेएनएनयूआरएम से जुड़े अन्य जिलों की अपेक्षा इलाहाबाद में पुराने शहर के अटाला, सदियापुर, दरियाबाद, तुलसीपुर, गुलाबबाड़ी, याकूतगंज, दायराशाह अजमल, दायरा शाह मोहम्मद शफी, रानीमंडी आदि मोहल्लों से जलकल विभाग को कई वर्षों से जलकर नहीं मिला है।
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ऐसे में इन इलाकों में मीटर लगाना संभव होगा, यह बड़ा सवाल है। जलकल विभाग के महाप्रबंधक आरबी सिंह का कहना है कि शासनादेश के क्रम में काम शीघ्र शुरू होगा।


हालांकि इन इलाकों से टैक्स की वसूली और मीटर लगाने के मामले में अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। वैसे जेएनएनयूआरएम में पानी पाइप लाइन में मीटर लगाने की भी शर्त शामिल है लेकिन बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो पाइप लाइन में मीटर लगाने के पक्ष में नहीं हैं।

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