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3 बार झेला दंगों का दंश, 22 साल बाद फिर जला सहारनपुर

Sun, 27 Jul 2014 07:51 AM IST
उमेश शर्मा/अमर उजाला, सहारनपुर
उमेश शर्मा/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sun, 27 Jul 2014 07:51 AM IST
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violence in saharanpur after twenty two years

जिस सहारनपुर में बाबा लाल दास और हाजी शाह कमाल की दोस्ती की मिसाल दी जाती है। वो जिला 22 साल बाद एक बार फिर जल उठा। 1992 में अयोध्या विवाद के बाद पूरे देश में भड़की हिंसा ने सहारनपुर को भी चपेट में ले लिया था।

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सहारनपुर के लोग अब से पूर्व तीन बार दंगों का दंश झेल चुके हैं। सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक सहारनपुर को पहली नजर 1982 में लगी।

मंडी थानांतर्गत चिलकाना रोड मंदिर और मस्जिद मिली हुई है। तब दीवार के निर्माण को लेकर शहर में भारी बवाल हुआ था। कई लोगों की मौत भी हुई थी।

त्योहारी सीजन में शहर को मिला जख्म

violence in saharanpur after twenty two years

इसके बाद वर्ष 1991 में रामनवमी के जुलूस के दौरान शहर को दंगे की मार झेलनी पड़ी। दरअसल उन दिनों भी रमजान चल रहे थे। तब धार्मिक स्थल के समीप बैंड बजाने को लेकर ऐसा विवाद हुआ, जिसने पल भर में ही दंगे का रूप ले लिया। उस दौरान भी चाकूबाजी और गोलीबारी में कई लोगों की जान गई थी। कई दिन तक शहर में कर्फ्यू लगा रहा।

लोगों के दिलों से मनमुटाव दूर हो ही रहा था कि इसके अगले ही साल 1992 में अयोध्या विवाद को लेकर देश में फैली आग से सहारनपुर भी नहीं बच सका था। तब भी शहर में दुकानों में लूटपाट, आगजनी हुई थी और शहर के लोगों को फिर कर्फ्यू में रहना पड़ा।

इसके बाद देश और प्रदेश में कई जगह सांप्रदायिक बवाल हुए और पिछले साल पड़ोसी जनपद मुजफ्फरनगर में भी दंगे की आग फैली और खुरापातियों ने यहां भी माहौल बिगाड़ने की हर संभव कोशिश की, लेकिन इस सबके बावजूद सहारनपुर के वांशिदों पर इस सबका कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन शनिवार मामूली विवाद को लेकर ऐसी आग भड़की, जिसने एक बार फिर शहर को जला दिया। त्योहारी सीजन में शहर को एक बार फिर जो जख्म मिला है। उसे भरने में काफी वक्त लग सकता है।

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जोन के सभी नौ जिलों में हाईअलर्ट

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सहारनपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा को देखते हुए जोन के सभी नौ जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और बागपत के मिश्रित आबादी वाले इलाकों में भी खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों में आरएएफ और पीएसी तैनात की गई है।

शनिवार देर शाम सहारनपुर हिंसा की समीक्षा करते हुए आईजी जोन आलोक शर्मा ने बताया कि दो समुदायों के बीच विवाद थोड़ी सी जमीन को लेकर हुआ। इस बवाल में तीन लोगों की मौत हुई है। सहारनपुर के पांच थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। हालात इस समय नियंत्रण में हैं। पुलिस दंगाइयो से सख्ती से निपटेगी, जो भी कर्फ्यू का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। दंगाइयों की पहचान करा रहे हैं। रविवार से उनकी गिरफ्तारी शुरू की जाएगी।

आईजी ने बताया कि सहारनपुर के अलावा मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बागपत, नोएडा, बुलंदशहर और गाजियाबाद में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इन सभी जिलों के एसएसपी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कानून और शांति व्यवस्था बनी रहे। हर थाना क्षेत्रों में सभी पीस कमेटियों के सदस्यों के साथ बैठक की जाएं। सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील मेरठ जिले में एक कंपनी आरएएफ पहले से ही मौजूद है। पांच कंपनी पीएसी की अलग से तैनाती की गई है। मेरठ पुलिस को खास निर्देश दिए गए हैं कि खासकर मिश्रित आबादी वाले इलाकों में निरंतर गश्त पर रहा जाए।

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