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दारुल उलूम ने वीडियोग्राफी को ठहराया नाजायज
देवबंद/ब्यूरो
Updated Thu, 20 Dec 2012 03:10 PM IST
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इसलामिक यूनिवर्सिटी दारुल उलूम के मुफ्तियों ने कहा है कि किसी बयान या समारोह की वीडियो बनाना नाजायज है साथ ही उससे प्राप्त होने वाली कमाई भी हराम है। मुफ्तियों ने पाकिस्तान से एक व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात कही है।
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सात नवंबर को दारुल उलूम के फतवा विभाग से ऑनलाइन सवाल संख्या 42777 में पूछा गया है कि किसी बयान या दुनिया के किसी भी समारोह की वीडियो बनाना जायज है अथवा उससे होने वाली आय हलाल होगी या हराम? फतवा विभाग से 16 दिसंबर को दिए गए जवाब संख्या एल=1/1434/8-6 में मुफ्तियों ने कहा है कि वीडियो में चूंकि स्वतंत्र छवि कैच (उतारना) की जाती है इसलिए बयान या दुनिया के किसी भी समारोह की वीडियो बनाना जायज नहीं है।
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साथ ही उन्होंने कहा है कि इससे प्राप्त होने वाली आय भी हराम की श्रेणी में आती है। वहीं, इस संबंध में दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि इसलाम में तस्वीर आदि को नाजायज करार दिया गया है इसलिए इससे होने वाली कमाई भी हराम होगी।
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इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पासपोर्ट आदि पर लगाने के लिए फोटो आदि की इजाजत दी गई है। इसलिए जायज काम करने की कमाई भी जायज है। उन्होंने कहा कि जहां तक हो सके शरीयत के बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।