फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varun Gandhi shared a video of crop burning, said, need to rethink agriculture policy

किसानों के हक में फिर उतरे वरुण गांधी: फसल जलाने का वीडियो शेयर कर कहा- कृषि नीति पर दोबारा सोचने की जरूरत

Sat, 23 Oct 2021 03:33 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 23 Oct 2021 03:33 PM IST
सार

पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश का यह किसान सुमेध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी फसल को विभिन्न मंडियों में बेचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन किसी भी मंडी में इसकी फसल नहीं बिक पा रही थी। इससे निराश होकर उन्होंने अपनी फसल में आग लगा दी...

विज्ञापन
Varun Gandhi shared a video of crop burning, said, need to rethink agriculture policy
भाजपा सांसद वरुण गांधी - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर किसानों के हक में आवाज उठाई है। शनिवार को एक किसान के द्वारा अपनी फसल जलाए जाने का वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने सवाल किया है कि इस देश की कृषि नीति ने हमारे किसानों को आज कहां लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि इस परिस्थिति को देखते हुए कृषि नीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

विज्ञापन


पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश का यह किसान सुमेध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी फसल को विभिन्न मंडियों में बेचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन किसी भी मंडी में इसकी फसल नहीं बिक पा रही थी। इससे निराश होकर उन्होंने अपनी फसल में आग लगा दी। इस घटना से बेहद क्षुब्ध दिखे वरुण गांधी ने ट्वीट में लिखा है कि इस देश की कृषि व्यवस्था ने हमारे देश के किसानों को ऐसी परिस्थिति में लाकर क्यों खड़ा कर दिया है, इसे सोचने-समझने की जरूरत है। उन्होंने देश की वर्तमान कृषि नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि अब कृषि नीति में पुनर्विचार करने की जरूरत है।
विज्ञापन

अन्नदाताओं को न बचा सके तो पूरे देश की असफलता

वरुण गांधी ने कहा कि एक किसान अपनी फसल को अपने ही हाथों से जला देता है। इससे बड़ी कोई सजा वह अपने आपको नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि हम सबको आज यह आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि आज किसानों को बिना उनकी किसी गलती के हाशिए पर क्यों छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने अन्नदाताओं को नहीं बचा सकते तो यह पूरे राष्ट्र की असफलता होगी। ऐसी स्थिति अन्य किसी किसान के सामने न आये, इसके लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

वरुण गांधी की यह मांग किसानों की मांग से पूरी तरह मेल खाती है, जो पिछले 11 महीनों से देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्र सरकार से 3 नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वरुण गांधी ने एक के बाद एक कई मामलों में खुलकर किसानों का साथ दिया है। अपनी पार्टी भाजपा से अलग लाइन अपनाने के कारण उन्हें इसके लिए काफी आलोचना का शिकार भी होना पड़ा है, लेकिन इससे बेपरवाह वरुण गांधी ने किसानों का समर्थन करना जारी रखा है। इसके पहले वे गन्ना समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने, लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों से अपनी सहानुभूति व्यक्त करने और किसानों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए उनसे बातचीत करने की पैरवी कर चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed