यूपी में बाढ़ पर बोले सीएम योगी, नेपाल के पानी का दंश झेल रहा प्रदेश
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भीषण बाढ़ से जूझ रहे पूर्वांचल के दो जिलों बलिया और आजमगढ़ का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा के लिए नेपाल से आ रहे पानी को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही वादा किया कि प्रदेश सरकार इस समस्या का स्थायी हल निकालेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल से आने वाले पानी का दंश प्रदेश के 25 जिले झेल रहे हैं। केंद्र सरकार इसके स्थायी समाधान के लिए नेपाल सरकार से बात कर रही है। तब तक आपदा प्रबंधन के लिए के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी मंत्री इस पर सीधी नजर रख रहे हैं।
आजमगढ़ के रामनगर कुकरौछी स्थित गंगागौरा महाविद्यालय में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के वितरण के बाद मुख्यमंत्री ने इस आपदा में जान गंवाने वाले दो लोगों के परिजनों को चार-चार लाख का चेक और 25 प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ को नहीं रोका जा सकता, लेकिन आपदा प्रबंधन से जन और धन हानि को रोका और कम किया जा सकता है। इसीलिए मैं खुद इन जिलों में जाकर आपदा प्रबंधन का जायजा ले रहा हूं। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सक्षम लोगों से भी बाढ़ पीड़ितों की मदद की अपील की।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के नाम पर पहले धनराशि की बंदरबांट होती थी। इसलिए इस बार बाढ़ में जन हानि होने पर चार लाख, पक्का मकान गिरने पर 95100 रुपये, कच्चा मकान गिरने पर भी नगद धनराशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी।
साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। राहत सामग्री भी ऐसी हो कि पीड़ित 10 दिन घर बैठकर खा सके। इसमें उन्हें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, दो किलो दाल, रिफाइंड, मिर्च मसाले के साथ ही केरोसिन उपलब्ध कराने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।
विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा
इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी अब परिवार और जातिवाद की नहीं केंद्र की तरह विकास और राष्ट्रवाद की राजनीति होगी।
उन्होंने कहा कि हमारे एजेंडे में जाति नहीं किसान हैं। इसलिए प्रदेश के 86 लाख लघु और सीमांत किसानों का 31 मार्च 2016 तक का फसली ऋण माफ किया गया है। सितंबर में कैंप लगाकर जिला मुख्यालय या प्रदेश स्तर पर किसानों को ऋणमाफी का प्रमाणपत्र दे दिया जाएगा।
पहली बार प्रदेश में 37 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीद कर पैसा सीधे उनके खाते में दिया गया है। इन्हें समर्थन मूल्य से 10 रुपये प्रति क्विंटल अधिक दिया गया। धान खरीद के लिए भी नई नीति बन रही है। अधिक से अधिक केंद्र खोलकर खरीद होगी और प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 15 रुपये दिए जाएंगे।
भूमाफियाओं से कहा कि अवैध कब्जा खुद हटा लें, नहीं तो दो माह बाद टास्कफोर्स काम करेगी, तो कब्जा हटाने के साथ ही उनकी संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराधियों से उसी की भाषा में निपटने के निदेश दिए गए हैं।