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विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में इस वर्ष से शामिल होगा योग: मनोज सिन्हा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:34 PM IST
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भगवान बुद्ध की उपदेश स्थल में योग की धूम
- फोटो : अमर उजाला
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विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में योग, इस वर्ष से अनिवार्य रूप से शामिल हो जाएगा। चिकित्सा की दृष्टि से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में दिल्ली में योग के माध्यम से ईलाज शुरू हो गया है। यह बात रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने सारनाथ के मुलगंध कुटीविहार में कही। मौका था अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का।
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न तबकों के लोग योगाभ्यास करते नजर आए। यह नही विभिन्न विहारों के अधिपति, ब्रह्माकुमारी भी योगासन में सहभागिता की। अव्यवस्थाओं के बीच देर से शुरू हुए कार्यक्रम में दो हजार से ज्यादा लोगों ने योग किया।
इस दौरान पवन मुक्तासन, चक्की आसन, शाष्टांग दंडवत, धनुष आसन, भुजंग आसन, व्याघ्र आसन, भ्रामरी, प्राणायाम और ओउम् उच्चार कराया गया। योगाभ्यास और धूप के बीच लोगों का खूब पसीना निकला। मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों को योग गुरू ने खूब पसीना बहाया।
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इसके बाद रेल राज्य मंत्री ने कहा कि दुनिया में योग को प्रतिस्थापित करने में विवेकानंद जी का योगदान अविस्मरणीय है। 27 सितंबर 2014 में यूएन एसेंबली में जो प्रस्ताव रखा उसको 193 में से 175 देशों ने समर्थन किया। उन्होंने योग कार्यक्रम का सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।
कहा कि योग को धर्म, राजनीति, जाति से ऊपर रखना होगा और इसका उद्देश्य केवल मानव कल्याण है। इसके बाद रेल राज्य मंत्री ने भगवान बुद्ध के अस्थि कलश का दर्शन-पूजन किया।
यह कार्यक्रम शहर उत्तरी विधानसभा के बैनर तले और महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया, प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कसाबा आर्गेनिक और प्रादेशिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित हुआ।
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कार्यक्रम में समाज के विभिन्न तबकों के लोग योगाभ्यास करते नजर आए। यह नही विभिन्न विहारों के अधिपति, ब्रह्माकुमारी भी योगासन में सहभागिता की। अव्यवस्थाओं के बीच देर से शुरू हुए कार्यक्रम में दो हजार से ज्यादा लोगों ने योग किया।
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इस दौरान पवन मुक्तासन, चक्की आसन, शाष्टांग दंडवत, धनुष आसन, भुजंग आसन, व्याघ्र आसन, भ्रामरी, प्राणायाम और ओउम् उच्चार कराया गया। योगाभ्यास और धूप के बीच लोगों का खूब पसीना निकला। मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों को योग गुरू ने खूब पसीना बहाया।
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इसके बाद रेल राज्य मंत्री ने कहा कि दुनिया में योग को प्रतिस्थापित करने में विवेकानंद जी का योगदान अविस्मरणीय है। 27 सितंबर 2014 में यूएन एसेंबली में जो प्रस्ताव रखा उसको 193 में से 175 देशों ने समर्थन किया। उन्होंने योग कार्यक्रम का सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।
कहा कि योग को धर्म, राजनीति, जाति से ऊपर रखना होगा और इसका उद्देश्य केवल मानव कल्याण है। इसके बाद रेल राज्य मंत्री ने भगवान बुद्ध के अस्थि कलश का दर्शन-पूजन किया।
यह कार्यक्रम शहर उत्तरी विधानसभा के बैनर तले और महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया, प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कसाबा आर्गेनिक और प्रादेशिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित हुआ।