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Year Ender: काशीवासियों को रोपवे व फुलवरिया फोरलेन समेत मिलीं कई बड़ी सौगातें, झटके देती रहीं पांच सड़कें
Sun, 31 Dec 2023 04:33 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 31 Dec 2023 04:33 PM IST
सार
काशीवासियों को इस साल सौगातें तो कई मिलीं लेकिन, लापरवाही के कारण 2023 में सड़कें चौड़ी नहीं हो पाईं। अब इन सड़कों की सौगात 2024 में मिलेगी।अगले साल ही अब रोपवे का भी आनंद ले सकेंगे।
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वाराणसी में रोपवे स्टेशन का मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस वर्ष की समाप्ति में अब महज एक दिन शेष है। यह वर्ष काशीवासियों के लिए सौगातों वाला वर्ष रहा है। हालांकि कुछ परियोजनाएं ऐसी भी हैं जिन्हें पूरा तो इसी साल होना था, लेकिन अब उनकी सौगात अगले वर्ष मिलेगी। इस वर्ष जाम से निजात के लिए जहां फुलवरिया फोरलेन की सौगात मिली, वहीं पांच फोरलेन सड़कें सिर्फ झटका ही देती रहीं। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण इन सड़कों का निर्माण अभी पूरा नहीं हो पाया। ऐसे ही सेतु निगम की लापरवाही से कज्जाकपुरा फ्लाइओवर भी अधर में है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष चार बार काशी आए। पहली बार मार्च में उन्होंने देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे की आधारशिला रखी। इसके बाद जुलाई में वाराणसी-सुल्तानपुर (एनएच 56), सीपेट इंस्टीट्यूट जैसी बड़ी योजनाओं की सौगात दी। सितंबर में उन्होंने गंजारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, अटल आवासीय विद्यालय, दशाश्वमेध प्लाजा जैसी परियोजनाओं को काशी वासियों को सौंपा। दिसंबर में उन्होंने फुलवरिया फोरलेन, वंदे भारत और स्वर्वेद मंदिर की सौगात दी।
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साल 2023 में कुछ परियोजनाओं को पूरा होना था जो कार्यदायी संस्था, संबंधित विभाग और विभागों के आपसी समन्वय न होने के कारण पूरी नहीं हो पाईं। हालांकि साल 2024 भी काशीवासियों के लिए खुशियों भरा रहेगा। आने वाले साल में भी काशी को अपने सांसद के हाथों उपहार स्वरूप कई योजनाएं मिलेंगी।
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2023 में इन बड़ी परियोजनाओं की मिली सौगात
वंदे भारत ट्रेन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
- रोपवे - रोपवे शहर में कैंट स्टेशन से लेकर गोदौलिया तक का सफर कराएगा। इसके निर्माण में 644 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैंट, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरिजाघर और गोदौलिया इसके स्टेशन होंगे। मार्च 2024 में प्रधानमंत्री कैंट से रथयात्रा तक रोपव के पहेल चरण की सौगात देंगे।
- सीपेट - करसड़ा में सीपेट इंस्टीट्यूट का निर्माण 40 करोड़ की लागत से कराया गया है। इसमें पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग पढ़ाई जाएगी। इसमें पढ़ने वाले छात्रों को करसड़ा में ही रहने खाने की सुविधा दी गई है।
- अटल आवसीय विद्यालय - करसड़ा में ही अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। इसमें श्रमिकों को बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जा रही है साथ ही उनके रहने खाने का भी इंतजाम है।
- फुलवरिया फोरलेन - शिवपुर की ओर से लहरतारा-मंडुवाडीह और बौलिया जाने के लिए फुलवरिया फोरलेन का निर्माण कराया गया है। इसमें करीब 325.6 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके निर्माण के बाद से चौकाघाट-कैंट मार्ग पर यातायात का दबाव कम हुआ है।
- वंदे भारत - प्रधानमंत्री ने वाराणसी कैंट से नई दिल्ली के लिए एक और वंदे भारत ट्रेन की सौगात दी। इसके मिलने के बाद वाराणसी से नई दिल्ली के बीच का सफर जहां कम हुआ वहीं लोगों को सीट की मारामारी नहीं करनी पड़ रही।
2024 में मिलने वाली सौगत
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
- रोपवे - रोपवे के पहले चरण की सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मार्च 2024 में मिलेगी। इसके बाद शहर में पहली बार कैंट से रथयात्रा के लिए हवाई सफर का आनंद ले सकेंगे।
- पांच फोरलेन सड़कें - मई 2022 में बनना शुरू हुईं शहर की पांच प्रमुख सड़कों का निर्माण जून 2024 में पूरा होगा। इसके का बाद शहर के अंदर आने वाले रास्तों को जाम से निजात मिलेगी।
- कज्जाकपुरा फ्लाईओवर - कज्जाकपुरा फ्लाईओवर के निर्माण के बाद चौकाघाट से पड़ाव व कज्जाकपुरा से पुराने पुल जाने के लिए सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। इसका निर्माण भी जून 2024 में पूरा होगा।
- शूटिंग रेंज - राइफल क्लब परिसर में शूटिंग रेंज का निर्माण 5 करोड़ की लागत से पूरा हो गया है। इसमें कुछ मशीनों का लगना बाकी है। मशीन लगने के बाद यह पूरी तरह अभ्यास के लिए एक बेहतर स्थान होगा।
- नमो घाट - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले नमो घाट का निर्माण भी अगले वर्ष पूरा होगा। काशी के प्राचीन घाटों से एकदम अलग और आधुनिक घाट होगा। यहां से हेलीकॉप्टर की सैर का आनंद भी मिलेगा।