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विश्व हृदय दिवसः मुश्किल में मासूमों का दिल, नि:शुल्क इलाज का दावा सिर्फ कागजों में
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 29 Sep 2018 03:41 PM IST
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दिल में छेद की बीमारी से बड़े ही नहीं बच्चे भी पीड़ित हैं। वाराणसी जिले के आठ ब्लॉकों में ऐसे बच्चों की संख्या 100 से अधिक हैं, जिसमें हरहुआ ब्लॉक में ही 26 बच्चे शामिल हैं। इन सभी को ऑपरेशन की जरूरत है। छह महीने से लेकर बारह साल तक के बच्चे इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने इनके नि:शुल्क इलाज का दावा भी किया था लेकिन मामला अभी तक केवल कागजातों में ही अटका है। इसमें 10 बच्चे तो ऐसे हैं जिनके दिल में 4 से 10 एमएम के छेद है। स्कूलों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 19 साल तक के युवाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाता है।
कार्यक्रम के तहत बच्चों का वजन कराने सहित अन्य प्राथमिक जांच भी संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर होती है। जिले में ब्लॉकवार चलने वाले इस कार्यक्रम में जांच के दौरान ऐसे बच्चे मिले हैं, जिनके दिल में छेद है लेकिन इलाज में अधिक खर्च आने की वजह से परिजन इलाज कराने में असमर्थ हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनका इलाज बीएचयू में कराने की बात लंबे समय से चल रही है, इसके लिए अधिकारियों का दौरा भी हुआ लेकिन सब अभी केवल कागज तक ही सीमित है। इन बच्चों का इलाज कब से होगा इस पर कोई फैसला नहीं हो सका है।
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स्वास्थ्य विभाग ने इनके नि:शुल्क इलाज का दावा भी किया था लेकिन मामला अभी तक केवल कागजातों में ही अटका है। इसमें 10 बच्चे तो ऐसे हैं जिनके दिल में 4 से 10 एमएम के छेद है। स्कूलों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 19 साल तक के युवाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाता है।
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कार्यक्रम के तहत बच्चों का वजन कराने सहित अन्य प्राथमिक जांच भी संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर होती है। जिले में ब्लॉकवार चलने वाले इस कार्यक्रम में जांच के दौरान ऐसे बच्चे मिले हैं, जिनके दिल में छेद है लेकिन इलाज में अधिक खर्च आने की वजह से परिजन इलाज कराने में असमर्थ हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनका इलाज बीएचयू में कराने की बात लंबे समय से चल रही है, इसके लिए अधिकारियों का दौरा भी हुआ लेकिन सब अभी केवल कागज तक ही सीमित है। इन बच्चों का इलाज कब से होगा इस पर कोई फैसला नहीं हो सका है।
सरकारी अस्पतालों में है नि:शुल्क जांच की सुविधा
सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग से पीड़ितों के लिए नि:शुल्क जांच की सुविधा है। इसके लिए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक के साथ ही अब स्वास्थ्य केंद्रों पर खुले वेलनेस सेंटर पर भी नि:शुल्क जांच और परामर्श कल सुविधा दी जा रही है।
एनसीडी क्लीनिक के इंचार्ज डॉ. पीपी गुप्ता के मुताबिक जिले में ऐसे रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसमें कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं। दीनदयाल अस्पताल सहित अन्य जगहों पर चल रहे एनसीडी क्लीनिक की ओर से चलाए जाने वाले अभियान में 30 साल से अधिक आयु वालों को समय-समय पर जांच कराते रहने की सलाह दी जाती है। इस साल का थीम मेरा दिल तेरा दिल रखा गया है, जिसके तहत कार्यक्रम कराए जाएंगे।
सीएमओ डॉ. वीबी सिंह का कहना है कि बच्चों का बीएचयू में बेहतर इलाज कराने संबंधी प्रस्ताव को आईएमएस में भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही सभी की जांच और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन भी कराया जाएगा।
एनसीडी क्लीनिक के इंचार्ज डॉ. पीपी गुप्ता के मुताबिक जिले में ऐसे रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसमें कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं। दीनदयाल अस्पताल सहित अन्य जगहों पर चल रहे एनसीडी क्लीनिक की ओर से चलाए जाने वाले अभियान में 30 साल से अधिक आयु वालों को समय-समय पर जांच कराते रहने की सलाह दी जाती है। इस साल का थीम मेरा दिल तेरा दिल रखा गया है, जिसके तहत कार्यक्रम कराए जाएंगे।
सीएमओ डॉ. वीबी सिंह का कहना है कि बच्चों का बीएचयू में बेहतर इलाज कराने संबंधी प्रस्ताव को आईएमएस में भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही सभी की जांच और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन भी कराया जाएगा।
हृदय रोग के प्रमुख कारण
-अनियमित दिनचर्या
-खानपान पर विशेष ध्यान न देना
-धूम्रपान
-उच्च रक्तचाप
-कोलस्ट्राल बढ़ना
-मधुमेह
-खानपान पर विशेष ध्यान न देना
-धूम्रपान
-उच्च रक्तचाप
-कोलस्ट्राल बढ़ना
-मधुमेह
बीमारी के लक्षण
-सीने में बाई ओर तेज दर्द होना
-सांस लेने में तकलीफ और चलते-चलते पसीना अधिक आना
-शारीरिक कमजोरी और बेचैनी बढ़ना
-मधुमेह के रोगियों को दर्द या बिना दर्द के भी ह्रदय रोग का खतरा
-सांस लेने में तकलीफ और चलते-चलते पसीना अधिक आना
-शारीरिक कमजोरी और बेचैनी बढ़ना
-मधुमेह के रोगियों को दर्द या बिना दर्द के भी ह्रदय रोग का खतरा
कैसे करें बचाव
-नियमित व्यायाम और खानपान पर विशेष ध्यान देना होगा।
-तनावमुक्त जीवन व्यतीत करें।
-जंकफूड के सेवन और धूम्रपान से बचना होगा।
-किसी तरह की तकलीफ में हृदय रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
-तनावमुक्त जीवन व्यतीत करें।
-जंकफूड के सेवन और धूम्रपान से बचना होगा।
-किसी तरह की तकलीफ में हृदय रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।