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कबीर के आंगन में उतरी शेक्सपियर की नाट्य कृति 'मैकबेथ', कला और साहित्य प्रेमियों का जीता दिल

Tue, 03 Jul 2018 10:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 03 Jul 2018 10:22 AM IST
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William Shakespeare Macbeth theatre play in varanasi
mackbeth - फोटो : अमर उजाला
 कबीर के आंगन में शेक्सपियर की नाट्य कृति ने रविवार को एक अमिट छाप छोड़ दी। कबीर मठ के ठीक सटे काशी के रंगमंच के केंद्र में रविवार शाम शेक्सपियर की कालजयी रचना मैकबेथ का मंचन हुआ। शेक्सपियर ने जिस खूबी के साथ रचा, रूपवाणी के कलाकारों ने उतनी ही खूबी से उसे मंच पर उतारा और इसका साक्षी बना नागरी नाटक मंडली। रूपवाणी के इस पहले प्रयास ने बरबस ही कला और साहित्य प्रेमियों का दिल जीत लिया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

 
William Shakespeare Macbeth theatre play in varanasi
mackbeth - फोटो : अमर उजाला


संवाद और नृत्य के बीच में पिरोयी इस गाथा को कलाकारों ने बड़ी की खूबसूरती के साथ मंच पर उतारा।  वीरता, पराक्रम, भय, डर के बीच अच्छाई और बुराई की लड़ाई है मैकबेथ...। मन के तनाव और द्वंद्व के बीच हर कहानी में अच्छाई ही जीते और उसका सुखांत हो, ये जरूरी नहीं, मैकबेथ ने बताने की कोशिश की। अपने मशहूर नाटक ‘राम की शक्तिपूजा’, चित्रकूट, कामायनी, रश्मिरथी जैसी भारतीय पुरा कथाओं के बाद करीब दो साल के अंतराल के बाद रूपवाणी मैकबेथ के रूप में अपना ये नया प्रयोग लेकर आया। 

 
William Shakespeare Macbeth theatre play in varanasi
mackbeth - फोटो : अमर उजाला
खचाखच भरे नागरी नाटक मंडी के सभागार शाम ठीक साढ़े सात बजे नाटक का मंचन शुरू हुआ। राजा डंकन से लेकर मैकबेथ, लेडी मैकबेथ, मैकडफ के साथ ही दो चुड़ैलों की भूमिका निभा रहे हर एक कलाकारों ने अपने अभिनय को पूरी शिद्दत के साथ नाटक में उतारा। मैकबेथ के मुख्य किरदार में जितनी खूबी तापस शुक्ल ने दिखाई, उतना ही खूबसूरती से लेडी मैकबेथ ने अपने डार्क शेड के किरदार को निभाया। 

 
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William Shakespeare Macbeth theatre play in varanasi
mackbeth - फोटो : अमर उजाला

चुड़ैलों के अलावा लेडी मैकबेथ की नकारात्मक भूमिका वाकई काबिलेतारीफ रही। नाटक के संवाद के बीच छऊ और कथक का मेल भी दर्शकों को खासा पसंद आया। एक घंटा 58 मिनट का होने के बावजूद नाटक ने कहीं से किसी को बोझिल नहीं किया। नाटक के पूर्व निर्देशक व्योमेश शुक्ल ने नाटक का परिचय दिया। 

 
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William Shakespeare Macbeth theatre play in varanasi
mackbeth - फोटो : अमर उजाला
रूपवाणी संस्था के निर्देशक व्योमेश शुक्ला ने कहा कि कलाकारों की मेहनत रंग लाई है। ये उनके उत्साह और उनकी मेहनत का दरअसल कोई विकल्प नहीं है। वहीं अमर उजाला ने हिंदी नाटक के पक्ष में खड़े होकर एक ऐतिहासिक संकल्प लिया है। ये रास्ता बहुत दूर तक जाएगा। इसकी ताकत से बहुत सारी चीजों को बचाया और बढ़ाया जा सकेगा। 

 
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