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वाटर टेस्टिंग के लिए बनेगी नई प्रयोगशाला
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 22 Jul 2016 02:10 AM IST
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- फोटो : Getty Images
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शहरियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए नगर निगम (जापान इंटरनेशनल कोआपरेशन एजेंसी) जायका के तहत वाटर टेस्टिंग के लिए नई प्रयोगशाला बनाएगा। साथ ही घाटों पर 24 घंटे मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का काम भी शुरू होगा। वहीं, शहर में बिछाई गई सीवेज, पेयजल ड्रेनेज पाइप लाइन का जीआई सर्वे कर उसे ऑनलाइन किया जाएगा। जिससे फाल्ट होने पर उसे दुरुस्त करने में आसानी होगी।
जायका केतहत इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाकर नगर निगम, जलकल के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को अपडेट करने के साथ ही विकास कार्य भी कराए जाने थे। इस पर 31.80 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। कई साल से यह योजना पाइपलाइन में थी। अब इसे हरी झंडी मिली है। अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी ने बताया कि जलकल कार्यालय में वाटर टेस्टिंग के लिए नई प्रयोगशाला लगाई जाएगी।
जिससे कि शहरियों को आपूर्ति किए जाने वाले पानी की शुद्धता जांची जा सके। इसकेअलावा मणिकर्णिकाघाट और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार के बाद तत्काल मृत्यु प्रमाण पत्र देने की सुविधा शुरू की जाएगी। इसे ऑनलाइन किया जाएगा। कोई भी कहीं से इसकी काफी निकाल सकता है। उन्होंने बताया कि शहर में कहां-कहां कितनी लंबी सीवेज, पेयजल और वाटर ड्रेनेज पाइप लाइन बिछाई गई है, इसका जीआई सर्वे कराया जाएगा। यह काम दो साल मे पूरा कर लिया जाएगा। जल्द ही इस पर काम प्रारंभ कराया जाएगा।
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जायका केतहत इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाकर नगर निगम, जलकल के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को अपडेट करने के साथ ही विकास कार्य भी कराए जाने थे। इस पर 31.80 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। कई साल से यह योजना पाइपलाइन में थी। अब इसे हरी झंडी मिली है। अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी ने बताया कि जलकल कार्यालय में वाटर टेस्टिंग के लिए नई प्रयोगशाला लगाई जाएगी।
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जिससे कि शहरियों को आपूर्ति किए जाने वाले पानी की शुद्धता जांची जा सके। इसकेअलावा मणिकर्णिकाघाट और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार के बाद तत्काल मृत्यु प्रमाण पत्र देने की सुविधा शुरू की जाएगी। इसे ऑनलाइन किया जाएगा। कोई भी कहीं से इसकी काफी निकाल सकता है। उन्होंने बताया कि शहर में कहां-कहां कितनी लंबी सीवेज, पेयजल और वाटर ड्रेनेज पाइप लाइन बिछाई गई है, इसका जीआई सर्वे कराया जाएगा। यह काम दो साल मे पूरा कर लिया जाएगा। जल्द ही इस पर काम प्रारंभ कराया जाएगा।
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