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Varanasi: अन्नपूर्णा माता मंदिर में हुआ शस्त्र पूजन, महंत शंकरपुरी ने माता से मांगा रक्षा का आशीर्वाद
Sat, 12 Oct 2024 01:20 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Sat, 12 Oct 2024 01:20 PM IST
सार
विजयदशमी पर्व पर काशी के मंदिरों में शस्त्र पूजन का विधान है। वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर में महंत शंकरपुरी ने माता के खड़ग और तलवार की पूजा कर शस्त्र से शास्त्र की रक्षा का आशीर्वाद मांगा।
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अन्नपूर्णा मंदिर के महंत पूजन की शुरूआत करते
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर में शस्त्र पूजा कर विजयादशमी का पर्व मनाया गया। अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी ने सविधि शस्त्र व ध्वज पूजन किया। इस दौरान माता की तलवार,खड़ग और अन्य शस्त्रों के साथ रायफल को भी पूजा गया । अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने कहा कि हर साल ये परंपरा निभाई जाती है।
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आपको बता दें कि शास्त्रों में शस्त्र पूजन का विधान युद्ध पर जाते समय विजय को लेकर बताया गया है । विजयदशमी पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक पर्व के रूप में मनाया जाता है लिहाजा शस्त्र की पूजा की जाती है।
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विजयदशमी पर्व को लेकर काशी में खासा उत्साह होता है। चौराहो और मैदान में रावण के पुतले जलाए जाते हैं इसके साथ ही संदेश दिया जाता है कि बुराई का अंत होता है। धार्मिक नगरी में शस्त्रार्थ का महत्व है लेकिन जरूरत पड़े तो समाज की रक्षा के लिए शस्त्रों का प्रयोग भी होता है । इन संदेशों के साथ पूजन आरंभ हुआ और मंत्रोच्चार किया गया। देवी का आह्वान हुआ और शस्त्रों को प्रणाम कर रक्षा का आशीर्वाद मांगा गया।
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