फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   We should be proud of our cultural heritage: Shiv Pratap

हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करना चाहिए : शिव प्रताप

Sat, 26 Aug 2023 01:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:02 AM IST
विज्ञापन
We should be proud of our cultural heritage: Shiv Pratap
विज्ञापन

हम सभी को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करना चाहिए। सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्द्धन हम सभी की जिम्मेदारी है। नवीन पत्रकारिता का सांस्कृतिक मूल्य सामाजिक मूल्यों पर आधारित है। ये बातें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पत्रकारिता संस्थान की ओर से आचार्य प्रभुनाथ द्विवेदी की जयंती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहीं। संगोष्ठी में वक्ताओं ने सांस्कृतिक पत्रकारिता पर चर्चा की।
गांधी अध्ययन पीठ सभागार में स्वाधीन भारत : साहित्य, समाज और सांस्कृतिक पत्रकारिता विषय पर संगोष्ठी में शिवप्रताप शुक्ल ने आचार्य प्रभुनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही कहा कि समाज और पत्रकारिता का गहरा संबंध है। शिक्षक, शिक्षा, शिक्षार्थी किसी भी राष्ट्र की निधि होते हैं। इन्हें संभालना समाज का दायित्व है। राज्यपाल ने चंद्रयान-3 की सफलता पर सभी को बधाई दी और कहा कि आज हमारा देश कुशल नेतृत्व में आसमान को छू रहा है।
विज्ञापन

विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि प्रो. प्रभुनाथ ने संस्कृत संसार में एक अलौकिक कार्य किया है, जो सभी के लिए प्रेरणादायी है। कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि संस्कृत विज्ञान की भाषा है और आज पूरा शिक्षा जगत ज्ञान की बात कर रहा है। हमें अपने ज्ञान को विश्व स्तर तक ले जाना है। कार्यक्रम में पत्रकारिता संस्थान के निदेशक प्रो. अनुराग कुमार, डॉ. नागेंद्र कुमार, डॉ. दयानंद, प्रो. अमिता सिंह, डॉ. देवाशीष वर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रो. सदाशिव द्विवेदी को संस्कृत सेवा सम्मान
समारोह में प्रो. प्रभु नाथ द्विवेदी की स्मृति में प्रकाशित स्मारिका न कदापि विस्मर्यम का विमोचन अतिथियों ने किया। साथ ही राजकुमारी देवी स्मृति शोध संस्थान की ओर से बीएचयू के प्रोफेसर सदाशिव कुमार द्विवेदी को 2023 का संस्कृत सेवा सम्मान दिया गया। उन्हें 11000 रुपये की नकद धनराशि भी दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article