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हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करना चाहिए : शिव प्रताप
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हम सभी को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करना चाहिए। सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्द्धन हम सभी की जिम्मेदारी है। नवीन पत्रकारिता का सांस्कृतिक मूल्य सामाजिक मूल्यों पर आधारित है। ये बातें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पत्रकारिता संस्थान की ओर से आचार्य प्रभुनाथ द्विवेदी की जयंती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहीं। संगोष्ठी में वक्ताओं ने सांस्कृतिक पत्रकारिता पर चर्चा की।
गांधी अध्ययन पीठ सभागार में स्वाधीन भारत : साहित्य, समाज और सांस्कृतिक पत्रकारिता विषय पर संगोष्ठी में शिवप्रताप शुक्ल ने आचार्य प्रभुनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही कहा कि समाज और पत्रकारिता का गहरा संबंध है। शिक्षक, शिक्षा, शिक्षार्थी किसी भी राष्ट्र की निधि होते हैं। इन्हें संभालना समाज का दायित्व है। राज्यपाल ने चंद्रयान-3 की सफलता पर सभी को बधाई दी और कहा कि आज हमारा देश कुशल नेतृत्व में आसमान को छू रहा है।
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विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि प्रो. प्रभुनाथ ने संस्कृत संसार में एक अलौकिक कार्य किया है, जो सभी के लिए प्रेरणादायी है। कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि संस्कृत विज्ञान की भाषा है और आज पूरा शिक्षा जगत ज्ञान की बात कर रहा है। हमें अपने ज्ञान को विश्व स्तर तक ले जाना है। कार्यक्रम में पत्रकारिता संस्थान के निदेशक प्रो. अनुराग कुमार, डॉ. नागेंद्र कुमार, डॉ. दयानंद, प्रो. अमिता सिंह, डॉ. देवाशीष वर्मा मौजूद रहे।
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प्रो. सदाशिव द्विवेदी को संस्कृत सेवा सम्मान
समारोह में प्रो. प्रभु नाथ द्विवेदी की स्मृति में प्रकाशित स्मारिका न कदापि विस्मर्यम का विमोचन अतिथियों ने किया। साथ ही राजकुमारी देवी स्मृति शोध संस्थान की ओर से बीएचयू के प्रोफेसर सदाशिव कुमार द्विवेदी को 2023 का संस्कृत सेवा सम्मान दिया गया। उन्हें 11000 रुपये की नकद धनराशि भी दी गई।