{"_id":"5b55963e4f1c1b4b748b688f","slug":"water-ship-floating-in-sangam-in-mahakumbh","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाकुंभ में संगम तक पहुंचाएंगे पानी के जहाज, श्रद्धालुओं को मिलेगा नए अंदाज का आनंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाकुंभ में संगम तक पहुंचाएंगे पानी के जहाज, श्रद्धालुओं को मिलेगा नए अंदाज का आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 23 Jul 2018 06:59 PM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगले साल प्रयाग में होने वाले महाकुंभ में देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पहली बार गंगा की लहरों पर पानी के जहाज नजर आएंगे। इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई) और मेला प्रशासन इन्हें संयुक्त रूप से संचालित करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, आईडब्ल्यूएआई भी एक-दो जहाज मुहैया कराएगा। फिलहाल, फेरी सर्विस शुरू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत संगम से 10-10 किलोमीटर दोनों तरफ पानी के जहाजों से आवागमन होगा। 10 किलोमीटर के दायरे में कई स्थानों पर तैरने वाली जेट्टी तथा छोटे टर्मिनल बनाए जाएंगे।
फेरी सर्विस का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को परिवहन के एक अलग अंदाज का आनंद देना है। साथ ही सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करते हुए उन्हें संगम तक पहुंचाना है।
विज्ञापन
प्रथम चरण में वाराणसी से हल्दिया के बीच गंगा में जलमार्ग विकसित किया जा रहा है। नवंबर तक वाराणसी टर्मिनल का कार्य पूरा करने के साथ ही जहाजों का संचालन किया जाना है। वाराणसी से इलाहाबाद और आसपास के जिलों से भी इस सुविधा के लिए सर्वे किया जा रहा है।
देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अलग अहसास दिलाने के लिए पर्यटन एजेंसियों ने क्रूज संचालित करने की योजना बनाई है। फिलहाल कोलकाता से पटना तक आने वाले क्रूज अब इलाहाबाद तक जाएंगे।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, आईडब्ल्यूएआई भी एक-दो जहाज मुहैया कराएगा। फिलहाल, फेरी सर्विस शुरू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत संगम से 10-10 किलोमीटर दोनों तरफ पानी के जहाजों से आवागमन होगा। 10 किलोमीटर के दायरे में कई स्थानों पर तैरने वाली जेट्टी तथा छोटे टर्मिनल बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
फेरी सर्विस का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को परिवहन के एक अलग अंदाज का आनंद देना है। साथ ही सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करते हुए उन्हें संगम तक पहुंचाना है।
विज्ञापन
प्रथम चरण में वाराणसी से हल्दिया के बीच गंगा में जलमार्ग विकसित किया जा रहा है। नवंबर तक वाराणसी टर्मिनल का कार्य पूरा करने के साथ ही जहाजों का संचालन किया जाना है। वाराणसी से इलाहाबाद और आसपास के जिलों से भी इस सुविधा के लिए सर्वे किया जा रहा है।
देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अलग अहसास दिलाने के लिए पर्यटन एजेंसियों ने क्रूज संचालित करने की योजना बनाई है। फिलहाल कोलकाता से पटना तक आने वाले क्रूज अब इलाहाबाद तक जाएंगे।