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मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए कर रहे घंटों इंतजार
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मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए आने वाले लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से पहले ही घाट पर चल रहे कॉरिडोर के काम के कारण शवदाह अब ऊपर के प्लेटफार्म पर किया जा रहा है। जगह कम होने के कारण शवदाह के लिए आने वाले लोगों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
काशी विश्वनाथ धाम के गंगा घाट पर प्रवेश द्वार बनाने के लिए मणिकर्णिका से ललिता घाट के बीच निर्माण कार्य चल रहा है। मणिकर्णिका घाट पर कॉरिडोर के काम के कारण जगह-जगह खोदाई व निर्माण कार्य चल रहा है। चिता लगाने के स्थान की कमी होने के कारण अब शवदाह ऊपर वाले प्लेटफार्म पर किया जा रहा है। घाट पर जहां एक साथ 25 चिताएं जलाने की व्यवस्था है, वहीं वर्तमान में सिर्फ 10 चिताओं के जलाने की जगह रह गई है। इसके कारण रोजाना शवदाह के लिए आने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
बाबा मसान नाथ मंदिर के गुलशन कपूर ने बताया कि घाट पर शवदाह के लिए इंतजार करने की स्थिति विगत दो-तीन हफ्ते से बनी हुई है। पूरे घाट पर एक साथ काम शुरू कराने की बजाय एक तरफ से काम शुरू किया गया होता तो ऐसी स्थिति नहीं होती।
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काशी विश्वनाथ धाम के गंगा घाट पर प्रवेश द्वार बनाने के लिए मणिकर्णिका से ललिता घाट के बीच निर्माण कार्य चल रहा है। मणिकर्णिका घाट पर कॉरिडोर के काम के कारण जगह-जगह खोदाई व निर्माण कार्य चल रहा है। चिता लगाने के स्थान की कमी होने के कारण अब शवदाह ऊपर वाले प्लेटफार्म पर किया जा रहा है। घाट पर जहां एक साथ 25 चिताएं जलाने की व्यवस्था है, वहीं वर्तमान में सिर्फ 10 चिताओं के जलाने की जगह रह गई है। इसके कारण रोजाना शवदाह के लिए आने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
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बाबा मसान नाथ मंदिर के गुलशन कपूर ने बताया कि घाट पर शवदाह के लिए इंतजार करने की स्थिति विगत दो-तीन हफ्ते से बनी हुई है। पूरे घाट पर एक साथ काम शुरू कराने की बजाय एक तरफ से काम शुरू किया गया होता तो ऐसी स्थिति नहीं होती।
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