Volleyball in Varanasi: लंबा कद, छरहरा बदन और रौबदार चेहरा... खेल से इतर ये है सर्विसेज वॉलीबॉल टीम की पहचान
Sports News: टीम के मुख्य कोच राजेश कुमार दहिया ने अमर उजाला से खास बातचीत की। खेल और प्रदर्शन को लेकर उन्होंने काफी जानकारियां दीं। कहा कि सर्विसेज की टीम भारतीय सशस्त्र बलों की संयुक्त ताकत का प्रतीक है।
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Senior National Volleyball Championship: लंबा कद, छरहरा बदन, चेहरे पर अलग रौब… सर्विसेज के खिलाड़ियों की यही पहचान है। सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में सेमीफाइनल मैच से पहले टीम कोर्ट पर वार्मअप कर रही थी। इसी बीच टीम के मुख्य कोच राजेश कुमार दहिया ने कहा कि हम खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरे थे। इस बार पदक का रंग बदलना का इरादा था लेकिन कुछ चूक ने स्वर्ण पदक से दूर कर दिया।
सर्विसेज की 14 सदस्यीय टीम में छह खिलाड़ी भारतीय नौसेना से हैं। चार-चार खिलाड़ी भारतीय वायुसेना और थल सेना से आए हैं। टीम बेहद अनुशासित और पेशेवर है। टीम के हर खिलाड़ी को एक-दूसरे की मजबूती और कमजोरी का पता है।
कोच ने बताया कि पूरे साल साथ खेलने और प्रशिक्षण का फायदा मिल रहा है। पिछले साल सर्विसेज को सीनियर नेशनल में रजत पदक मिला था। इस बार हम पदक का रंग बदलना चाह रहे थे लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।
लीग मैच में सर्विसेज को तमिलनाडु ने चौंकाया था
सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में सर्विसेज की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। पूल के मुकाबलों में खेले गए तीन मैचों में से दो में जीत दर्ज कर टीम ने अपनी मजबूती साबित की। लीग में सर्विसेज ने रेलवे और पंजाब को पांच सेटों के मुकाबले में परास्त किया था, मगर तमिलनाडु से उसे हार का सामना करना पड़ा था।
टीम संरचना : तीनों सेनाओं का संतुलन
सर्विसेज की टीम भारतीय सशस्त्र बलों की संयुक्त ताकत का प्रतीक है। भारतीय नौसेना से टीम में छह खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के चार खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। इसी प्रकार भारतीय थल सेना से भी चार खिलाड़ी मैदान में उतर रहे हैं। तीनों सेनाओं के खिलाड़ियों का यह संयोजन टीम को तकनीकी मजबूती के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता भी प्रदान कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव और कद-काठी बनी ताकत
टीम के सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अनुभव का यही स्तर कठिन मुकाबलों में टीम के काम आ रहा है। खास बात यह है कि सर्विसेज टीम के खिलाड़ियों की औसत लंबाई करीब 6.5 फीट है जो वॉलीबॉल जैसे खेल में ब्लॉकिंग और स्पाइकिंग के लिहाज से बड़ी ताकत मानी जाती है।
कोचिंग में अनुशासन और हर मैच के लिए अलग रणनीति
टीम की कमान अनुभवी कोच राजेश कुमार के हाथों में है। उनके मार्गदर्शन में टीम ने फिटनेस, रणनीति और तालमेल पर विशेष ध्यान दिया है, जिसका असर मैदान पर साफ नजर आ रहा है। हर मैच की वीडियोग्राफी कराई जाती है। बाद में फुटेज देखकर खेल का विश्लेषण किया जाता है।
कोच राजेश कुमार के मुताबिक, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना न सिर्फ देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रही हैं, बल्कि खेल में भी निरंतर योगदान दे रही हैं। सर्विसेज की टीम इसका जीवंत उदाहरण है जहां अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति खेल भावना के साथ मिलकर उत्कृष्ट प्रदर्शन को जन्म देते हैं। सेना के खिलाड़ी देश के लिए सीमाओं पर और मैदान पर-दोनों जगह-गर्व का कारण बनते हैं।