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हंगामे की भेंट चढ़ी बैठक, वकीलों की हड़ताल टली
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी
Updated Tue, 17 Jan 2017 01:53 AM IST
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चंदौली में सिविल बार के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता प्रेम नारायण सिंह और उनके पुत्र की निर्मम हत्या को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन में सोमवार को बुलाई गई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। अधिवक्ताओं का एक बड़ा तबका इस मुद्दे पर विरोध जताने के लिए हड़ताल चाहता रहा। इसी को लेकर ढाई घंटे तक चली बैठक को जब अध्यक्षता कर रहे सेंट्रल बार अध्यक्ष अशोक सिंह प्रिंस ने बिना किसी नतीजे के स्थगित किया तो अधिकांश अधिवक्ता हंगामा और नारेबाजी करने लगे। हंगामा जारी रहने के दौरान ही अध्यक्ष सभागार से चले गए।
अधिवक्ताओं का कहना था कि वकील पिता-पुत्र की निर्मम हत्या के विरोध में एक दिन की हड़ताल होनी चाहिए थी। बता दें की अध्यक्ष ने कार्यभार संभालते ही संदेश दिया था कि अति आवश्यक व अपरिहार्य स्थितियों में हड़ताल दोनों बार की सहमति से ही हो सकेगी। सोमवार को हड़ताल नहीं होने पर अधिवक्ता बिफर पड़े और आक्रोशित होकर सभागार व उसके बाहर नारेबाजी करने लगे।
इस बीच सेंट्रल बार महामंत्री ओमप्रकाश पांडेय ने विज्ञप्ति जारी कर साधारण सभा का हवाला देते हुए कहा कि बैठक में अधिवक्ता व उनके पुत्र के हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की गई। दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। चंदौली बार एसोसिएशन को भरोसा दिलाया गया कि यहां के दोनों बार आपके साथ हैं। चंदौली के पुलिस-प्रशासन द्वारा 72 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी करने की समयावधि समाप्त होने पर अगली बैठक में इस संबंध में कड़े निर्णय लिए जाएंगे।
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अधिवक्ताओं का कहना था कि वकील पिता-पुत्र की निर्मम हत्या के विरोध में एक दिन की हड़ताल होनी चाहिए थी। बता दें की अध्यक्ष ने कार्यभार संभालते ही संदेश दिया था कि अति आवश्यक व अपरिहार्य स्थितियों में हड़ताल दोनों बार की सहमति से ही हो सकेगी। सोमवार को हड़ताल नहीं होने पर अधिवक्ता बिफर पड़े और आक्रोशित होकर सभागार व उसके बाहर नारेबाजी करने लगे।
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इस बीच सेंट्रल बार महामंत्री ओमप्रकाश पांडेय ने विज्ञप्ति जारी कर साधारण सभा का हवाला देते हुए कहा कि बैठक में अधिवक्ता व उनके पुत्र के हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की गई। दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। चंदौली बार एसोसिएशन को भरोसा दिलाया गया कि यहां के दोनों बार आपके साथ हैं। चंदौली के पुलिस-प्रशासन द्वारा 72 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी करने की समयावधि समाप्त होने पर अगली बैठक में इस संबंध में कड़े निर्णय लिए जाएंगे।
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