Vasant Panchami: विश्वनाथ मंदिर से महंत आवास लाई गई बाबा की पंचबदन मूर्ति, दूल्हे के रूप में होगा शृंगार
वसंत पंचमी पर महादेव के तिलकोत्सव का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। काशी की धार्मिक परंपरा के अनुसार महंत आवास पर तिलक की रस्म अदा की जाएगी। बाबा की पंचबदन रजत मूर्ति का शृंगार दूल्हे के रूप में किया जाएगा। बाबा की जिस रजत मूर्ति का शृंगार होगा, वह सोमवार की शाम काशी विश्वनाथ मंदिर प्रबंधन द्वारा महंत परिवार को सौंपी गई।
सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अपर मुख्य कार्यपालक निखिलेश मिश्रा, पुनीत धवन और सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में बाबा की पंचबदन रजन मूर्ति पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के पुत्र वाचस्पति तिवारी एवं संजीवरतन मिश्र को सौंपी गईं। मंदिर के अर्चकों ने विश्वनाथ मंदिर के गणनाकक्ष में पूजन किया गया। इसके उपरांत मंदिर के अर्चकों ने डमरुओं की निनाद के साथ मूर्ति टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास तक पहुंचाई।
महंत आवास पर लाए जाने के बाद पं. मनीष त्रिपाठी ने बाबा की पंचबदन रजत मूर्ति का पंचोपचार पूजन कराया। इसी पंचबदन प्रतिमा का वसंत पंचमी पर 16 फरवरी को शृंगार किया जाएगा। डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि मेरे परिवार में एक सदस्य के निधन के कारण वसंत पचंमी के दिन ही त्रयोदशाह होने के कारण पांच वैदिक ब्राह्मण मेरे प्रतिनिधि स्वरूप महंत आवास पर समस्त धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण करेंगे।
महंत ने किया था मूर्तियों की वापसी के लिए अनशन
काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने मूर्तियों की वापसी के लिए अनशन किया था। यह पंचबदन रजत प्रतिमा उन्हीं मूर्तियों में से एक है। मंडलायुक्त ने उन्हें 15 दिनों के अदर समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया था।