{"_id":"6031623f8ebc3ee9383226c1","slug":"varanasi-varanasi-news-vns575863062","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोनों देश के बीच पर्यटन व उद्योग को मिलेगी मजबूती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोनों देश के बीच पर्यटन व उद्योग को मिलेगी मजबूती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। काशी ही नहीं बल्कि पूर्वांचल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन को मजबूती देने के लिए फिजी सरकार जल्द ही केंद्र सरकार से वार्ता करेगी। टूर पैकेज कुछ ऐसा बनाया जाएगा कि दोनों देश के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिले। इस दिशा में फिजी सरकार पहल करेगी। उक्त बातें फिजी के राजदूत नीलेश रोहिल कुमार ने शनिवार को आईआईए की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
विनायक प्लाजा स्थित कार्यालय पर सम्मान समारोह के दौरान फिजी राजदूत नीलेश रोहिल कुमार ने कहा कि फिजी का मुख्य उद्योग पहले शुगर हुआ करता था लेकिन अब पर्यटन है। इस दौरान उपस्थित निर्यातकों और उद्यमियों ने फिजी राजदूत से पर्यटन और उद्योग की संभावनाओं पर चर्चा की। फिजी राजदूत का स्वागत करते हुए आइआइए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने भारत और फिजी के बेहतर रिश्ते का लाभ उठाने की अपील की।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उद्यमियों ने जोर दिया कि पूर्वांचल का निर्यात बढ़ाने के लिए माल भाड़े पर फ्रेट सब्सिडी दी जाए। जल परिवहन को बढ़ाव देने के लिए रामनगर के राल्हूपुर बंदरगाह से माल भेजना महंगा पड़ रहा है। माल को मंगाने और भेजने में करीब 10 रुपये प्रति किलो का अतिरिक्त भार उद्यमियों व निर्यातकों को सहना पड़ता है, जिससे उनके उत्पादों की कीमत बढ़ जाती है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह माल भाड़े में सब्सिडी प्रदान करें ताकि पूर्वांचल के निर्यात को प्रोत्साहन मिल सके। एक कंटेनर माल पर सरकार से सिर्फ करीब 12 हजार से साढ़े 12 हजार ही सब्सिडी मिलती है, जबकि माल भाड़ा सवा लाख से डेढ़ लाख तक लगता है। इम्पोर्ट में ड्यूटी फ्री हो तो साड़ी, फैब्रिक, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम आदि उद्योगों को भी पंख लग जाएंगे।
विज्ञापन
समारोह में संयुक्त निदेशक उद्योग उमेश सिंह, डॉ. अशोक कुमार सिंह, विपिन अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, राजेश भाटिया, नीरज पारिख, हर्षद तन्ना, राहुल मेहता, सर्वेश अग्रवाल, जुनैद अहदम, राजकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विनायक प्लाजा स्थित कार्यालय पर सम्मान समारोह के दौरान फिजी राजदूत नीलेश रोहिल कुमार ने कहा कि फिजी का मुख्य उद्योग पहले शुगर हुआ करता था लेकिन अब पर्यटन है। इस दौरान उपस्थित निर्यातकों और उद्यमियों ने फिजी राजदूत से पर्यटन और उद्योग की संभावनाओं पर चर्चा की। फिजी राजदूत का स्वागत करते हुए आइआइए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने भारत और फिजी के बेहतर रिश्ते का लाभ उठाने की अपील की।
विज्ञापन
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उद्यमियों ने जोर दिया कि पूर्वांचल का निर्यात बढ़ाने के लिए माल भाड़े पर फ्रेट सब्सिडी दी जाए। जल परिवहन को बढ़ाव देने के लिए रामनगर के राल्हूपुर बंदरगाह से माल भेजना महंगा पड़ रहा है। माल को मंगाने और भेजने में करीब 10 रुपये प्रति किलो का अतिरिक्त भार उद्यमियों व निर्यातकों को सहना पड़ता है, जिससे उनके उत्पादों की कीमत बढ़ जाती है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह माल भाड़े में सब्सिडी प्रदान करें ताकि पूर्वांचल के निर्यात को प्रोत्साहन मिल सके। एक कंटेनर माल पर सरकार से सिर्फ करीब 12 हजार से साढ़े 12 हजार ही सब्सिडी मिलती है, जबकि माल भाड़ा सवा लाख से डेढ़ लाख तक लगता है। इम्पोर्ट में ड्यूटी फ्री हो तो साड़ी, फैब्रिक, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम आदि उद्योगों को भी पंख लग जाएंगे।
विज्ञापन
समारोह में संयुक्त निदेशक उद्योग उमेश सिंह, डॉ. अशोक कुमार सिंह, विपिन अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, राजेश भाटिया, नीरज पारिख, हर्षद तन्ना, राहुल मेहता, सर्वेश अग्रवाल, जुनैद अहदम, राजकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।