Varanasi News: संस्कृत विवि ने भी प्रो. ओझा को किया प्रतिबंधित, नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख लेने का आरोप
वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने प्रो. ब्रज भूषण ओझा को सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक निकायों से तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। उन्हें सभी दायित्वों से भी मुक्त कर दिया गया है। प्रो. ओझा पर विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये लेने का आरोप है, जिसे उन्होंने खारिज किया है।
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बीएचयू के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मानद प्रबंधक पद से हटाए जाने के बाद प्रो. ब्रज भूषण ओझा पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने भी प्रशासनिक कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें अपने सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक निकायों से तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। यह निर्णय सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं और सामने आए आरोपों के संज्ञान में लेने के बाद किया गया है।
बुधवार को विश्वविद्यालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के व्याकरण विभाग के प्रो. ब्रज भूषण ओझा को अब विश्वविद्यालय के किसी भी अध्ययन बोर्ड, विशेषज्ञ पैनल, चयन समिति, परीक्षा, मूल्यांकन कार्य अथवा अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक निकायों में सदस्य या विशेषज्ञ के रूप में नामित नहीं किया जाएगा। आदेश के अनुसार, यदि वह पहले से किसी समिति या दायित्व से जुड़े हैं तो उन्हें तत्काल प्रभाव से उससे मुक्त माना जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संस्थान की साख, निष्पक्षता और उच्च नैतिक मानकों को बनाए रखने के उद्देश्य से यह एहतियाती और प्रशासनिक कदम उठाया गया है। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया। विश्वविद्यालय ने भ्रष्टाचार के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता की नीति दोहराते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है।
गौरतलब है कि मंगलवार को बीएचयू प्रशासन ने भी प्रो. ब्रज भूषण ओझा को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मानद प्रबंधक पद से हटा दिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने चार लाख रुपये लेकर एक व्यक्ति को विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। हालांकि प्रो. ओझा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और उन्हें निराधार बताया है।फिलहाल दोनों विश्वविद्यालयों की ओर से की गई कार्रवाई को प्रशासनिक और एहतियाती कदम के रूप में देखा जा रहा है। मामले से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं और जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।