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काशी के मंदिरों की सुरक्षा के लिए संतों ने निकाली पदयात्रा, भाजपा सरकार पर साधा निशाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 29 May 2018 12:22 AM IST
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
- फोटो : अमर उजाला
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मंदिर बचाओ आंदोलनम के लिए संत अविमुक्तेश्वरानंद के नेतृत्व में दर्जनों संत पदयात्रा करते हुए रविवार की शाम पंचक्रोशी तीर्थ स्थल के तीसरे पड़ाव रामेश्वर में पहुंचे। यहां संत अविमुक्तेश्वरनंद ने रामेश्वर महादेव मंदिर में शिव का दर्शन पूजन कर जलाभिषेक किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार हिंदू विरोधी कार्य कर रही है। जिसे संत समाज बर्दास्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के नाम पर प्रदेश सरकार पचासों मदिंरों को तोड़ने के लिए चिह्नित किया है। तीन मंदिर तोड़े जा चुके हैं।
उसके बाद भी भाजपा की सरकार हिंदुत्व का नारा देकर लोगों को बरगला रही हैं। शासन प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन मंदिरों का उल्लेख पुराणों में है उन मंदिरों को भाजपा सरकार तोड़वाकर मूर्तियों को गायब करवा रही है।
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इसके विरोध में संत समाज सड़क पर उतरा हैं। भाजपा की सरकार सनातन धर्म को तोड़ने पर तूल गई हैं। इसे बचाने के लिये संत समाज हर लड़ाई लड़ने को सदैव तैयार रहेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार हिंदू विरोधी कार्य कर रही है। जिसे संत समाज बर्दास्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के नाम पर प्रदेश सरकार पचासों मदिंरों को तोड़ने के लिए चिह्नित किया है। तीन मंदिर तोड़े जा चुके हैं।
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उसके बाद भी भाजपा की सरकार हिंदुत्व का नारा देकर लोगों को बरगला रही हैं। शासन प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन मंदिरों का उल्लेख पुराणों में है उन मंदिरों को भाजपा सरकार तोड़वाकर मूर्तियों को गायब करवा रही है।
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इसके विरोध में संत समाज सड़क पर उतरा हैं। भाजपा की सरकार सनातन धर्म को तोड़ने पर तूल गई हैं। इसे बचाने के लिये संत समाज हर लड़ाई लड़ने को सदैव तैयार रहेगा।
मंदिर बचाओ आंदोलनम की सभा स्थगित
विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
- फोटो : अमर उजाला
विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर मंदिरों को तोड़ने और देव विग्रहों का पूजन अर्चन रोके जाने के खिलाफ 29 मई की प्रस्तावित सभा स्थगित कर दी गयी है। जिला प्रशासन द्वारा अनुमति न देने के चलते यह निर्णय लेना पड़ा है। मंगलवार को पंचक्रोशी यात्रा पूर्ण कर मठ लौटने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सभा की अगली तिथि की घोषणा करेंगे।
मंदिर बचाओ आंदोलनम के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 16 मई से देवता जगाओ के तहत काशी के मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं। इसी कड़ी में 29 मई को एक जनसभा का आयोजन किया जाना था।
इसके लिये जिला प्रशासन को एक सप्ताह पूर्व ही आवेदन देकर डॉ राजेंद्र प्रसाद घाट या टाउनहाल में सभा करने की अनुमति मांगी गयी थी मगर सोमवार तक जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
मंदिर बचाओ आंदोलनम के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 16 मई से देवता जगाओ के तहत काशी के मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं। इसी कड़ी में 29 मई को एक जनसभा का आयोजन किया जाना था।
इसके लिये जिला प्रशासन को एक सप्ताह पूर्व ही आवेदन देकर डॉ राजेंद्र प्रसाद घाट या टाउनहाल में सभा करने की अनुमति मांगी गयी थी मगर सोमवार तक जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
सुभासपा ने कांग्रेस और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर उठाया सवाल
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर
- फोटो : amar ujala
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने कांग्रेस की पंचक्रोशी यात्रा और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यों पर सवाल उठाया है। पार्टी के प्रदेश महासचिव शशि प्रताप सिंह ने कहा कि 60 साल तक कांग्रेस ने एक बिरादरी की टोपी लगाई। वोट के लिए पिछलग्गू बने रहे।
अब जूता चप्पल पहनकर पंचक्रोशी यात्रा पर निकले हैं। कांग्रेस के बड़े नेता आधी-अधूरी यात्रा कर रहे हैं। पहले राजबब्बर अब पीएल पुनिया यात्रा कर क्या संदेश देना चाहते हैं इस पर वाल उठ रहा है। वहीं दूसरी ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कांग्रेस के प्रचार में लग गए हैं।
अब जूता चप्पल पहनकर पंचक्रोशी यात्रा पर निकले हैं। कांग्रेस के बड़े नेता आधी-अधूरी यात्रा कर रहे हैं। पहले राजबब्बर अब पीएल पुनिया यात्रा कर क्या संदेश देना चाहते हैं इस पर वाल उठ रहा है। वहीं दूसरी ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कांग्रेस के प्रचार में लग गए हैं।