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मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति उजागर, बारिश में जानलेवा बनी काशी की सड़कें

Tue, 25 Jul 2017 08:42 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Tue, 25 Jul 2017 08:42 PM IST
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Varanasi roads become dangerous after heavy rain
गिरजाघर-गोदौलिया, भदऊ चुंगी, ककरमत्ता, मलदहिया, चेतगंज में सड़क धंसने से आवागमन प्रभावित - फोटो : अमर उजाला
पीएम के संसदीय क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत के पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, जल निगम, बिजली विभाग और जिला प्रशासन के दावे बारिश में धुल गए। मंगलवार की भोर में कांवरियों के मुख्य मार्ग गोदौलिया-गिरजाघर के बीच सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया। गनीमत रही कि इस अतिव्यस्त सड़क पर तब ट्रैफिक का दबाव नहीं था अन्यथा बड़ा हादसा तय था। 
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अभी हाल ही में यहां जल निगम ने खुदाई करके सीवर पाइप लाइन बिछाई थी। उसके बाद सावन मेला के मद्देनजर सड़क को दुरुस्त कराया गया था। सड़कों की मरम्मत के नाम पर चल रहे खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भदऊं चुंगी, ककरमत्ता, चेतगंज, मलदहिया में भी सड़कें धंस गई हैं।
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दरअसल, मरम्मत के लिए शासन के दबाव के बाद किसी तरह आननफानन में गड्ढे भरकर सड़क बना दी गई लेकिन अब बारिश में मिट्टी बैठने से सड़कें धंसने लगी हैं। कब, कौन-कहां हादसे की चपेट में आ जाए कोई ठीक नहीं।   
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जानकारों का दावा है कि निर्धारित मानक के अनुरूप सड़कों की मरम्मत कराई गई होती तो सीवर-पेयजल पाइप लाइनों के लीकेज दुरुस्त कराए गए होते तो ऐसी नौबत नहीं आती। बारिश के बाद शहर की कोई सड़क ऐसी नहीं बची है, जहां छोटे-बड़े गड्ढे नहीं बन गए हाें।

सड़कों की गिट्टियां उखड़कर छितरा गई हैं। सावन मेला के चलते प्रशासन ने 15 सितंबर तक खुदाई पर रोक लगाई है लेकिन सड़कों की मरम्मत का काम ठीक से न होने से राह चलना दुश्वार हो गया है।

जिम्मेदार बच रहे हैं और जनता झेल रही है। पखवारे भर में नगवां, विशेश्वरगंज, गोदौलिया चौराहा, रवींद्रपुरी सहित कई अन्य स्थानों पर भी सड़कें धंस चुकी हैं। 

कुछ घंटे पहले होती घटना तो चपेट में आते कई श्रद्धालु

Varanasi roads become dangerous after heavy rain
पहले खोद डाली सड़क बाद में नाला मिलने पर बदल गई योजना - फोटो : अमर उजाला
गोदौलिया पर कुछ घंटे पहले अगर सड़क  धंसी होती तो कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आते क्योंकि सावन के सोमवार के चलते घटनास्थल तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह बाबा विश्वनाथ की कृपा ही थी कि इतने बड़े हादसे की चपेट में कोई नही आया। साथ ही लोग प्रशासन को जमकर कोस रहे थे।

11 फुट से बड़ा गड्ढा 30 मीटर लंबाई में हुआ। मौके पर मौजूद रहे लोगों ने बताया कि जोर की आवाज के साथ सड़क धंस गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन की अनियोजित कार्य का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

अरविंद कुमार ने बताया कि मई, जून, जुलाई में खुदाई से स्थानीय व्यापारी और आने वाले सैलानी आजिज आ गए थे। उन्होंने बताया कि पहले तो बिना सोचे समझे खुदाई कर डाली गई और जब नीचे पुराना नाला निकल आया तो बिना पाइप लगाए आनन-फानन में पाटकर चलते बने।

इसी का नतीजा है कि सड़क धंस गई। अशोक कुमार ने बताया कि गोदौलिया चौराहा और गिरिजाघर के आसपास भी खुदाई हुई थी वहां भी सड़क धंस सकती है। स्थानीय लोगों में डर और रोष दोनों है। स्थानीय व्यापारी साकेत अग्रवाल ने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो इसके लिए जांच हो और कड़ी कार्रवाई हो।

बता दें कि गोदौलिया से गिरिजाघर तक सीवेज पाइफ लाइन डालने के लिए खुदाई हो रही थी। वहां शाही नाला निकल गया। उस दौरान क्षतिग्रस्त होने की वजह से जलजमाव की समस्या भी हुई थी। बाद में पाइप नही पड़ी।

गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके बर्मन ने बताया कि अब नई पाइप लाइन डालने के लिए पुरानी लाइन के नीचे तक खुदाई करनी पड़ती। बिना इसके पाइप का लेवल नही मिल रहा था।

पाइप लाइन का काम ब्रेक कर दिया गया। इसके लिए योजना में बदलाव कर दिया गया और पुरानी पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
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