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योगी सरकार के दिए डेडलाइन तक गड्ढा मुक्त हो नहीं पाएंगी काशी की सड़कें,क्योंकि..
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 11 Apr 2017 05:16 PM IST
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वाराणसी की कई सड़कें खस्ताहाल
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी तय तिथि तक काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं। हालांकि शहर में महकमे के कामकाज का रिकार्ड देखें तो सड़कों के गड्ढा मुक्त होने की संभावना सिरे चढ़ते नहीं दिखती है।
पूर्व में भी मंत्रियों से लेकर अधिकारियों ने कई बार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की अंतिम तिथि दी थी लेकिन हर बार विभाग किसी न किसी बहाने पल्ला झाड़ता रहा है।
गोल गडडा, लोहता, फुलवरिया, चौका घाट, बौलिया समेत कई सड़कें खस्ताहाल हैं। इन सड़कों को 2016 में नवंबर माह में पूरा करना था। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
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चौका घाट से राज घाट पर पर सीवर लाइन की पाइप डालने के काम का बहाना बताकर विभाग लंबे समय से इसे दुरुस्त नहीं करा पाया। इसी प्रकार लोहता और फुलवरिया की सड़कों को चौड़ीकरण के आड़ में काम नहीं किया।
जिले में पीडब्ल्यूडी की 2347 किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें जर्जर हो चुकीं 115 किलोमीटर सड़कें नए सिरे से बनाई जाएगी। इसके लिए 18.34 करोड़ का प्रस्ताव विभाग ने तैयार कर लिया है। बाकी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का प्रस्ताव लेकर अधिकारी लखनऊ गए हैं।
जहां सड़कों को लेकर कई बिंदुओं पर चर्चा होगी। बैठक में भाग लेने गए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एसके जैन ने बताया कि उनके लखनऊ से लौटने के बाद सड़कों की मरम्मत का कार्य तेज गति से शुरू होगा।
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पूर्व में भी मंत्रियों से लेकर अधिकारियों ने कई बार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की अंतिम तिथि दी थी लेकिन हर बार विभाग किसी न किसी बहाने पल्ला झाड़ता रहा है।
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गोल गडडा, लोहता, फुलवरिया, चौका घाट, बौलिया समेत कई सड़कें खस्ताहाल हैं। इन सड़कों को 2016 में नवंबर माह में पूरा करना था। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
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चौका घाट से राज घाट पर पर सीवर लाइन की पाइप डालने के काम का बहाना बताकर विभाग लंबे समय से इसे दुरुस्त नहीं करा पाया। इसी प्रकार लोहता और फुलवरिया की सड़कों को चौड़ीकरण के आड़ में काम नहीं किया।
जिले में पीडब्ल्यूडी की 2347 किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें जर्जर हो चुकीं 115 किलोमीटर सड़कें नए सिरे से बनाई जाएगी। इसके लिए 18.34 करोड़ का प्रस्ताव विभाग ने तैयार कर लिया है। बाकी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का प्रस्ताव लेकर अधिकारी लखनऊ गए हैं।
जहां सड़कों को लेकर कई बिंदुओं पर चर्चा होगी। बैठक में भाग लेने गए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एसके जैन ने बताया कि उनके लखनऊ से लौटने के बाद सड़कों की मरम्मत का कार्य तेज गति से शुरू होगा।
ढुलमुल कार्यशैली पर एक नजर
वाराणसी की कई सड़कें खस्ताहाल ।
- फोटो : अमर उजाला
- 30 नवंबर 2016 तक बौलिया से फुलवरिया मार्ग को दुरुस्त करना था। चार महीने बाद यह मार्ग खस्ताहाल है।
- 30 अक्तूबर 2016 तक चांदपुर-लोहता मार्ग को दुरुस्त होना था। कामचलाऊ मरम्मत कर इसे छोड़ दिया गया।
- 15 नवंबर 2016 तक राजघाट से गोल गड्डा मार्ग की मरम्मत होनी थी। विभागीय तालमेल के अभाव में लटका।
- 20 जनवरी, 2016 तक नरिया से बीएचयू तक की सड़क बनानी थी। जैसे-तैसे 20 फरवरी तक पूरी की गई।
- 15 जून 2016 तक कैंट से लंका तक की सड़क को गड्ढामुक्त करना था। एक माह बाद काम पूरा हुआ।
- 30 अक्तूबर, 2016 तक पांडेयपुर से आजमगढ़ की सड़क का कुछ हिस्सा बनाना था। 15 नवंबर तक हो पाया।
------आंकड़े-----
2347 किलोमीटर सड़कें हैं पीडब्ल्यूडी के अधीन जिले में
1653 किलोमीटर सड़क ग्रामीण क्षेत्रों में
689 किलोमीटर सड़क शहरी क्षेत्र में
60 फीसदी सड़कें गड्ढों में तब्दील
- 30 अक्तूबर 2016 तक चांदपुर-लोहता मार्ग को दुरुस्त होना था। कामचलाऊ मरम्मत कर इसे छोड़ दिया गया।
- 15 नवंबर 2016 तक राजघाट से गोल गड्डा मार्ग की मरम्मत होनी थी। विभागीय तालमेल के अभाव में लटका।
- 20 जनवरी, 2016 तक नरिया से बीएचयू तक की सड़क बनानी थी। जैसे-तैसे 20 फरवरी तक पूरी की गई।
- 15 जून 2016 तक कैंट से लंका तक की सड़क को गड्ढामुक्त करना था। एक माह बाद काम पूरा हुआ।
- 30 अक्तूबर, 2016 तक पांडेयपुर से आजमगढ़ की सड़क का कुछ हिस्सा बनाना था। 15 नवंबर तक हो पाया।
------आंकड़े-----
2347 किलोमीटर सड़कें हैं पीडब्ल्यूडी के अधीन जिले में
1653 किलोमीटर सड़क ग्रामीण क्षेत्रों में
689 किलोमीटर सड़क शहरी क्षेत्र में
60 फीसदी सड़कें गड्ढों में तब्दील