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Varanasi : पीएम मोदी देंगे स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के साथ सुगम परिवहन की सौगात; कई परियोजनाओं का शिलान्यास
Mon, 19 Feb 2024 01:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 19 Feb 2024 01:31 AM IST
सार
पीएम के हाथों शिलान्यास होने वाली परियोजनाओं में शुमार वाराणसी-रांची कोलकाता एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद काशी के कोलकाता की दूरी 15 घंटे के बजाय नौ घंटे में पूरी होगी।
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PM Narendra Modi
- फोटो : एएनआई
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ ही सुगम परिवहन की सौगात देंगे। पीएम के हाथों शिलान्यास होने वाली परियोजनाओं में शुमार वाराणसी-रांची कोलकाता एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद काशी के कोलकाता की दूरी 15 घंटे के बजाय नौ घंटे में पूरी होगी। मेडिकल कॉलेज और नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग की स्थापना से पूर्वांचल के मरीजों के लिए इलाज के लिए 620 बेड बढ़ जाएंगे। इसके साथ ही अस्पताल, नर्सिग होम सहित अन्य बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए प्रदेश के पहले बायोमेडिकल वेस्ट प्लाज्मा पायरोलिसिस संयंत्र की स्थापना होगी...।
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10 हजार बेड से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण
17.50 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के रमना गांव में बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए प्लाज्मा पायरोलिसिस संयंत्र की स्थापना होगी। यह संयंत्र वाराणसी और आसपास के जिले में संचालित सरकारी और निजी अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण करेगा। यह पूरे उत्तर प्रदेश का पहला संयंत्र होगा। इससे जहरीला धुआं या गैस नहीं निकलेगा। इस संयंत्र के जरिये 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। संयंत्र की स्थापना टाटा स्मारक केंद्र और इंस्टीट्यूट फॉर प्लाज्मा रिसर्च (परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार) की ओर से की जा रही है।
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वृद्ध रोगियों के लिए जराचिकित्सा केंद्र में 200 बेड
चिकित्सा विज्ञान संस्थान बीएचयू में नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग (जराचिकित्सा विभाग) केंद्र में 200 बेड होंगे। 147.39 करोड़ की लागत से दो हजार 45 वर्गमीटर में भूतल सहित छह मंजिला इमारत बनेगी। सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के साथ कनेक्टिविटी होने से वृद्ध रोगियों को कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, सर्जरी जैसे विभिन्न सुपर स्पेशलिटी विभागों में परामर्श लेने में आसानी होगी I यहां पर पंजीकरण, फार्मेसी, रेडियो डायग्नोसिस, फिजियोथेरेपी, योग, ध्यान और अनुसंधान प्रयोगशाला की सुविधा मिलेगी। ओपीडी कॉम्प्लेक्स में 14 कमरे डाक्टरों के लिए होंगे। इसके अलावा 40 बिस्तरों के ती वार्ड और छह एचडीयू सहित 138 बेड होंगे। डायलिसिस के छह बेड, आईसीयू में 20 बेड, डे केयर में छह बेड, ऑपरेशन में 10 बेड और निजी वार्ड में 20 कमरे होंगे।
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यूपी के पहले निफ्ट सेंटर में संचालित होंगे आठ पाठ्यक्रम
देश के 19वें और प्रदेश के पहले निफ्ट सेंटर को स्थापित करने में 432.75 करोड़ (भूमि सहित) प्रस्तावित है। निफ्ट वाराणसी में आठ कोर्स संचालित होंगे। इसमें छह यूपी और दो पीजी कोर्स होंगे। दीनदयाल हस्तकला संकुल से कुल तीन यूपी कोर्स संचालित किए जाएंगे। इसमें बैचलर ऑफ डिजाइन (इंटीरियर डिजाइन) पहली बार शुरू होगा। वाराणसी सहित पूर्वांचल के शिल्पकारों, बुनकरों और व्यवसायियों के लिए डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कार्यक्रमों के लिए मई 2016 में वाराणसी विस्तार केंद्र खोला गया है। यह भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, चौकाघाट वाराणसी से संचालित होता है। अब तक इस विस्तार केंद्र से 180 से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं।
सेमी और हाई स्पीड ट्रेनों की जरूरत पूरा करेगा भेल
बीएचईएल (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) करखियांव में एडवांस्ड रिसर्च एंड मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट स्थापित कर रहा है। 1149 करोड़ रुपये की लागत से 30 एकड़ जमीन पर ये प्लांट बन रहा है। भारतीय रेलवे के लिए सेमी हाई स्पीड और हाई स्पीड ट्रेनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्नत प्रणोदन प्रणाली, भारतीय रेलवे में सुरक्षा बढ़ाने के लिए ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (कवच), हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए इलेक्ट्रोलाइजर प्रणाली, कार्बन फाइबर रिइनफोर्स्ड कंपोजिट (सीएफआरसी) विकसित किए जाएंगे। अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास परियोजनाओं पर सहयोग करने के लिए शिक्षा, उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और सरकारी एजेंसियों की विशेषज्ञता को एक साथ लाने के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।
कोलकाता की 15 घंटे की दूरी नौ घंटे में होगी पूरी
वाराणसी-रांची कोलकाता एक्सप्रेसवे पैकेज-1 के छह लेन एक्सप्रेसवे का काम 1317 करोड़ से पूरा होगा। वाराणसी से कोलकाता तक की दूरी को तय करने में कुल 15 घंटे का समय लगता है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद ये दूरी मात्र नौ घंटे में पूरी होगी। भारी वाहनों (ट्रक/बस/ट्रेलर इत्यादि) का आवागमन वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे, पैकेज-1 के मार्फत शहर के बाहरी भागों से होगा। इससे शहर को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इस राजमार्ग में 27 किमी सड़क (हरित क्षेत्र) का कार्य कराया जायेगा।
बीएचयू के बाद दूसरा बड़ा मेडिकल काॅलेज
मानसिक चिकित्सालय परिसर में 420 बेड के मेडिकल काॅलेज की स्थापना होगी। बीएचयू के अलावा एक बड़ा संस्थान बनारस में चिकित्सा के क्षेत्र शामिल होगा। इससे गंभीर रोग ग्रसित मरीजों के इलाज और उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना का फायदा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बिहार, झारखंड, उत्तरी मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ और नेपाल के मरीजों को मिलेगा। 150 करोड़ की लागत से बनने वाले भवन में भूतल सहित छह तल का एकेडमिक एवं प्रशासनिक ब्लाॅक होगा।