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...तो क्या वाराणसी के अफसर नहीं मान रहे मंत्री का आदेश
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 23 Aug 2017 10:43 AM IST
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मंडलीय अनुश्रवण कक्ष में समीक्षा बैठक
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी शहर के लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद हाल-फिलहाल नहीं है। ऐसा इसलिए कि अफसर लोग मंत्री के आदेश को दरकिनार करने में लगे हुए हैं। मंत्री के निर्देश-आदेश की उन्हें कतई फिक्र नहीं है।
518.66 करोड़ रुपये से पेयजल पाइप लाइन बिछाने में गड़बड़ी के मामले में आठ अगस्त को राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने मेघा इंजीनियरिंग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और कंपनी को काली सूची में डालने का निर्देश जल निगम को दिया था।
कार्रवाई के नाम पर 14 दिन बाद भी कंपनी के खिलाफ न मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। पूछने पर जल निगम के चीफ इंजीनियर एके श्रीवास्तव गोलमाल जवाब देते हुए कहते हैं कि कंपनी की जमानत राशि जब्त कर ली गई है।
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अभी एफआईआर नहीं कराई गई है और न ही कंपनी को काली सूची में डाला गया है। वहीं अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि मुकदमा जल्द दर्ज कराया जाएगा।
16 लाख की आबादी वाले शहरी क्षेत्र में पेयजल की सुचारु व्यवस्था के लिए जल निगम ने पाइप लाइन बिछाने का काम मेघा इंजीनियरिंग को दिया था। 694 किलोमीटर में पाइप लाइन बिछाई जानी थी।
पाइप बिछा भी दी गई मगर लोगों तक पाइप लाइन से पानी पहुंचाने के लिए बने 40 ओवरहेड टैंक बेकार हो चुके हैं। वस्तुस्थिति यह है कि शहर को प्रतिदिन 276 एमएलडी पानी की जरूरत के मुकाबले 140 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है।
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518.66 करोड़ रुपये से पेयजल पाइप लाइन बिछाने में गड़बड़ी के मामले में आठ अगस्त को राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने मेघा इंजीनियरिंग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और कंपनी को काली सूची में डालने का निर्देश जल निगम को दिया था।
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कार्रवाई के नाम पर 14 दिन बाद भी कंपनी के खिलाफ न मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। पूछने पर जल निगम के चीफ इंजीनियर एके श्रीवास्तव गोलमाल जवाब देते हुए कहते हैं कि कंपनी की जमानत राशि जब्त कर ली गई है।
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अभी एफआईआर नहीं कराई गई है और न ही कंपनी को काली सूची में डाला गया है। वहीं अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि मुकदमा जल्द दर्ज कराया जाएगा।
16 लाख की आबादी वाले शहरी क्षेत्र में पेयजल की सुचारु व्यवस्था के लिए जल निगम ने पाइप लाइन बिछाने का काम मेघा इंजीनियरिंग को दिया था। 694 किलोमीटर में पाइप लाइन बिछाई जानी थी।
पाइप बिछा भी दी गई मगर लोगों तक पाइप लाइन से पानी पहुंचाने के लिए बने 40 ओवरहेड टैंक बेकार हो चुके हैं। वस्तुस्थिति यह है कि शहर को प्रतिदिन 276 एमएलडी पानी की जरूरत के मुकाबले 140 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है।