Varanasi News: नगर आयुक्त ने बदला 17 लिपिकों का पटल, काम में आएगी तेजी; जान लें कार्यक्षेत्र
Varanasi News: वाराणसी नगर निगम में 17 लिपिकों के तबादले किए गए। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपीं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हुआ। फेरबदल का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, कार्यों में तेजी लाना और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना बताया गया।
विस्तार
Nagar Nigam Varanasi: वाराणसी में नगर निगम प्रशासन ने कार्य प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर तबादले किए हैं। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने निगम के विभिन्न विभागों और जोनों में तैनात 17 कनिष्ठ एवं वरिष्ठ लिपिकों के पटल बदलते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
नगर आयुक्त ने सभी स्थानांतरित कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे अविलंब अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। प्रशासन का मानना है कि इस फेरबदल से निगम के कामकाज में तेजी आएगी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गति मिलेगी।
तबादलों के तहत विरेंद्र पांडेय को लेखा विभाग से स्वास्थ्य विभाग में भेजा गया है, जबकि दिलीप कुमार यादव को स्वास्थ्य विभाग से सामान्य विभाग में स्थानांतरित किया गया है। वरिष्ठ लिपिक मोईज अहमद को नजारत विभाग से जन्म-मृत्यु मुख्यालय और राकेश कुमार सिंह को जन्म-मृत्यु मुख्यालय से पेंशन कार्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई है। आजाद अली को स्वास्थ्य विभाग से लेखा विभाग, जबकि ईशान फारूख को पेंशन कार्यालय से स्वास्थ्य विभाग-सीएसयू में तैनात किया गया है।
कार्रवाई के निर्देश
इसी क्रम में निशू चौधरी को आलोक विभाग से सारनाथ जोन और मिलन कुमार को वरुणा पार जोन से आलोक विभाग में भेजा गया है। मुस्तकीम अंसारी को लेखा परीक्षा विभाग से ऐढ़े व नक्खीघाट कांजी हाउस में तैनाती दी गई है, जबकि शनि पांडेय को राजस्व विभाग से पशुपालन विभाग में स्थानांतरित किया गया है।
इसके अलावा आशीष कुमार श्रीवास्तव, अरुण कुमार पांडेय, राकेश कुमार श्रीवास्तव, सुशील कुमार सिंह, विकास कुमार यादव, रोहित कुमार और जितेंद्र उपाध्याय सहित अन्य लिपिकों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। नगर निगम प्रशासन के अनुसार इस व्यापक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य कार्यों में पारदर्शिता लाना, विभागीय समन्वय बढ़ाना और नागरिक सेवाओं को अधिक सुगम बनाना है। इससे निगम की कार्यक्षमता में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।