नीट फर्जीवाड़ा: सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड से पुलिस उगलवा रही राज, फरार पांच आरोपियों के करीब पहुंची पुलिस
नीट सॉल्वर गैंग के फरार पांच आरोपियों के करीब तक पुलिस पहुंच गई। तलाश में पुलिस की टीमें यूपी-बिहार और त्रिपुरा में दबिश दे रही हैं। इनमें दो आरोपी 20-20 हजार इनामी हैं।
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कस्टडी रिमांड पर लिए गए नीट सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड पटना निवासी नीलेश कुमार उर्फ पीके और चंदौली में सरकारी कर्मचारी कन्हैया लाल सिंह से पुलिस राज उगलवा रही है। वहीं फरार पांच आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें यूपी-बिहार और त्रिपुरा में दबिश दे रही है। 20-20 हजार के इनामी लखनऊ के कैसरबाग निवासी डॉ. अफरोज और त्रिपुरा के रहने वाले मृत्युंजय देवनाथ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सर्विलांस के जरिए उसके कई करीबियों तक पहुंच गई है।
माना जा रहा है कि जल्द ही अन्य आरोपी भी गिरफ्त में होंगे। इन दोनों के साथी हामिद रजा, आशुतोष, दिव्य ज्योति के खिलाफ सारनाथ थाने में झांसी के सीपरी निवासी वीरेंद्र कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया है।
सारनाथ क्षेत्र स्थित स्कूल में 12 सितंबर 2021 को नीट परीक्षा आयोजित थी। इसमें त्रिपुरा की हिना बिश्वास की जगह सॉल्वर गैंग की मदद से बीएचयू की बीडीएस की छात्रा जूली कुमारी परीक्षा देते हुए पकड़ी गई थी। इसके बाद जूली की मां, उसका भाई और केजीएमयू के एमबीबीएस के छात्र ओसामा शाहिद सहित छह आरोपी गिरफ्तार किए गए।
इसके बाद पिछले सप्ताह बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखने वाले त्रिपुरा के अगरतला निवासी तपन साहा और मास्टरमाइंड नीलेश उर्फ पीके और उसका बहनोई पटना सचिवालय में लिपिक रितेश कुमार गिरफ्तार हुआ। सिंचाई विभाग के कर्मचारी कन्हैया लाल सिंह और सुंदरपुर स्थित सुसवाही में साइबर कैफे संचालक क्रांति कौशल समेत ग्यारह आरोपी अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। कर्मचारी कन्हैया लाल सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।