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वाराणसी नगर निगम की बड़ी जीत: 100 करोड़ रुपये का सरकारी तालाब कब्जामुक्त, 38 साल बाद आया फैसला
Tue, 28 Jul 2026 05:17 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 28 Jul 2026 05:17 PM IST
सार
Varanasi News: वाराणसी नगर निगम ने बेशकीमती सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा लिया। 38 वर्ष से चल रहे कानूनी विवाद में निगम ने जीत हासिल कर लिया।
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तालाब में खोदाई करती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीएलडब्ल्यू रोड (ककरमत्ता) स्थित करीब एक बीघे से अधिक की बेशकीमती सरकारी भूमि को सोमवार को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। बाजार मूल्य के आधार पर इस भूमि की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह मामला मौजा ककरमत्ता का है।
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इस संबंध में एक पक्ष का दावा था कि उनके दादा वर्ष 1356 व 1359 फसली से उक्त भूमि पर काबिज चले आ रहे हैं। इसलिए उन्हें स्थायी भूमिधर के रूप में दर्ज किया जाए। 38 वर्ष से चल रहे इस कानूनी विवाद में कई बार अपील और निगरानी याचिकाएं भी दाखिल की गईं।
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नगर निगम की ओर से इस मामले की प्रभावी पैरवी की गई। मामले की विस्तृत सुनवाई के दौरान अतिरिक्त उपजिलाधिकारी (सदर) प्रज्ञा सिंह की अदालत ने पत्रावली और राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया। एसडीएम कोर्ट ने पाया कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में सिंघाड़ा और तालाब के रूप में दर्ज है।
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अधिनियम के अनुसार तालाब और तालाब सार्वजनिक उपयोग की भूमि की श्रेणी में आते हैं। ऐसी भूमि पर किसी असामी को पांच वर्ष से अधिक अवधि के लिए पट्टा नहीं दिया जा सकता और न ही उसे संक्रमणीय भूमिधर घोषित किया जा सकता है। अदालत ने वादी के दावे को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। साथ ही संबंधित अराजी संख्या के सभी खातेदारों के नाम निरस्त कर राजस्व अभिलेखों में पुनः तालाब दर्ज करने का आदेश दिया।