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वाराणसी सामूहिक हत्याकांड का खुलासा: 336 घंटों की CCTV फुटेज, 5 लाख फोन नंबर खंगाले, तब पकड़ में आया हत्यारोपी

Fri, 07 Feb 2025 09:40 AM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, वाराणसी
माई सिटी रिपोर्टर, वाराणसी Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 07 Feb 2025 09:40 AM IST
सार

पुलिस ने वारदात के पहले और बाद का हत्यारोपी का डिजिटल रूट चार्ट तैयार किया। मार्च 2022 से छह नवंबर 2024 तक विक्की और जुगनू की लोकेशन और फोन पर उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाने के लिए तकरीबन पांच लाख मोबाइल नंबर खंगाले।

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Varanasi mass murder revealed Police scanned 336 hours of CCTV footage and five lakh phone numbers
वाराणसी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के भदैनी के पांच लोगों की हत्या के आरोपी एप डेवलपर विक्की और दिल्ली में आईटी कंपनी में काम करने वाले उसके भाई जुगनू की गिरफ्तारी आसान नहीं थी। कारण कि वारदात के बाद विक्की बातचीत के लिए मोबाइल फोन इस्तेमाल ही नहीं कर रहा था। किसी एटीएम से न पैसा निकाला और न कहीं ऑनलाइन भुगतान किया और न किसी होटल या गेस्ट हाउस में ठहरा।

Varanasi mass murder revealed Police scanned 336 hours of CCTV footage and five lakh phone numbers
वाराणसी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

पुलिस ने वारदात की गुत्थी सुलझाने के लिए 336 घंटों की सीसी फुटेज खंगाली। वारदात के पहले और बाद का उसका डिजिटल रूट चार्ट तैयार किया। मार्च 2022 से छह नवंबर 2024 तक विक्की और जुगनू की लोकेशन और फोन पर उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाने के लिए तकरीबन पांच लाख मोबाइल नंबर खंगाले। तब जाकर तकनीक की मदद से ही विक्की और जुगनू पकड़े गए।

Varanasi mass murder revealed Police scanned 336 hours of CCTV footage and five lakh phone numbers
शराब कारोबारी की पत्नी और बेटी - फोटो : अमर उजाला

भदैनी निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या के बाद उनका छोटा भतीजा जुगनू पुलिस के बुलाने पर आसानी से आ गया था। लंबी पूछताछ और पड़ताल के बाद भी हत्याकांड में जुगनू की संलिप्तता नहीं उजागर हुई तो उसे पुलिस ने छोड़ दिया। एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी ने बताया कि जुगनू की लगातार निगरानी, कई शहरों में दबिश और परिवार के सदस्यों के बैंक अकाउंट खंगालने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली थे।

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Varanasi mass murder revealed Police scanned 336 hours of CCTV footage and five lakh phone numbers
नीतू गुप्ता, नवनेंद्र, सुबेंद्र और गौरांगी की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

ऐसे में सर्विलांस की मदद से दोबारा जुगनू के मोबाइल फोन की मॉनिटरिंग शुरू की गई। अचानक पता लगा कि वह अपने मोबाइल फोन से इंस्टाग्राम और फेसबुक की दो-तीन फर्जी आईडी इस्तेमाल कर रहा है। उन आईडी को खंगाला गया तो सामने आया कि उनका इस्तेमाल दो-तीन फर्जी आईडी से चैटिंग के लिए किया जाता है। यही इस मुकदमे का टर्निंग पॉइंट था। फिर, सर्विलांस की मदद से ही विक्की के मेसेंजर एप की लोकेशन ट्रैक की गई और दोनों भाई गिरफ्तार किए गए।

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वाराणसी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

इन्हें एक लाख का इनाम और प्रशस्ति पत्र
सर्विलांस प्रभारी दिनेश कुमार यादव, एसओजी प्रभारी मनीष कुमार मिश्र, हेड कांस्टेबल विवेक मणि त्रिपाठी, कांस्टेबल विराट सिंह व प्रशांत तिवारी और भेलूपुर थानाध्यक्ष विजय नारायण मिश्र, रेवड़ी तालाब चौकी इंचार्ज शैलेंद्र कुमार सिंह, कांस्टेबल सुमित शाही काे एक लाख का इनाम और प्रशस्ति पत्र दिया गया।

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