तकनीक के सहारे सपनों में रंग भर रही मदरसा छात्राएं
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मदरसे की छात्राएं पढ़ाई के साथ अब तकनीक से भी कदमताल कर रही हैं। दुनिया में बदलाव को देखते हुए ये छात्राएं आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार करने के लिए दीनी तालीम के साथ-साथ कंप्यूटर और फैशन डिजाइनिंग के हुनर भी सीख रही हैं।
मदरसा छात्राओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘अराइज एंड अवेक’ संस्था की रमा सिंह दुर्गवंशी की पहल रंग लाने लगी है। उनकी संस्था की मदद से इस साल मदरसा दायरतुल इस्लाह चिरागे उलूम निस्वां, रसूलपुरा में छात्राओं के लिए कंप्यूटर ओर फैशन डिजाइनिंग कोर्स शुरू किए गए हैं।
इतना ही नहीं, यहां वर्चुअल क्लास की सुविधा भी छात्राओं को मुहैया कराई गई है। मौजूदा वक्त में यहां कंप्यूटर में 100 और फैशन डिजाइनिंग में 200 छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
रमा सिंह ने फैशन डिजाइनिंग कोर्स को ‘तारे जमीन पर’ और कंप्यूटर कोर्स को ‘सूर्य किरण’ का नाम दिया है। इसके अलावा बुनकर कालोनी स्थित छात्रों के मदरसा चिरोगे उलूम में भी कंप्यूटर कोर्स व वर्चुअल क्लास चलाई जा रही है।
फैशन डिजाइनिंग के चल रहे रोज तीन बैच
कोर्स कोआर्डिनेटर सुलताना आजमी ने कहा कि फैशन डिजाइनिंग के रोज तीन बैच चलते हैं। एक बैच दो घंटे का होता है। इसमें छात्राओं को अभी सिलाई-कढ़ाई सिखाई जा रही है। छह महीने में वे फैशन डिजाइनिंग में पारंगत हो जाएंगीं।
कंप्यूटर कोर्स कोआर्डिनेटर आमरीन सिद्दीकी ने कहा कि छात्राएं बड़े उत्साह के साथ कंप्यूटर सीख रही हैं। अभी उन्हें बेसिक जानकारी के साथ इंटरनेट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कई छात्राएं तो बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
फैशन डिजाइनिंग सीख रही शमा परवीन कहती हैं कि हम भी दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहते हैं। फैशन डिजाइनिंग कोर्स करके हम अपना बुटीक खोल सकते हैं।