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काशी की बेटी को मिला भारत गौरव रत्न सम्मान, दो-दो विश्व रिकॉर्ड कर चुकी हैं अपने नाम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 10 Oct 2018 09:14 PM IST
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भारत गौरव रत्न से सम्मानित हुईं नेहा सिंह
- फोटो : amar ujala
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की छात्रा नेहा सिंह को दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में भारत गौरव रत्न अलंकरण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें इंटरनेशनल बिजनेस काउंसिल एवं इंडियन सॉलिडेरिटी काउंसिल द्वारा सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए सुप्रीम कोर्ट परिसर में दिया गया।
नेहा अभी तक दो-दो विश्व रिकार्ड बना चुकी हैं। नेहा ने बताया कि वह अब बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा अपने विलुप्त संस्कृति को जीवंत रखने के लिए चित्र कला से उपनिषद रहस्यों पर भी काम चल रहा है।
इसके पूर्व नेहा सिंह ने सोलह लाख मोतियों से भारत का नक्शा और उंगलियों के निशान से हनुमान चालीसा लिखकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था। नेहा काशी विद्यापीठ में एमएफए की छात्रा हैं।
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गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाले डॉ. जगदीश पिल्लई को वह अपना आदर्श मानती हैं। समारोह के दौरान विश्व मानवाधिकार आयोग की चेयरमैन प्रभा किरण, आचार्य बालयोगी महाराज, डॉ. बिपिन मित्रा, डॉ. रविकांत गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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नेहा अभी तक दो-दो विश्व रिकार्ड बना चुकी हैं। नेहा ने बताया कि वह अब बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा अपने विलुप्त संस्कृति को जीवंत रखने के लिए चित्र कला से उपनिषद रहस्यों पर भी काम चल रहा है।
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इसके पूर्व नेहा सिंह ने सोलह लाख मोतियों से भारत का नक्शा और उंगलियों के निशान से हनुमान चालीसा लिखकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था। नेहा काशी विद्यापीठ में एमएफए की छात्रा हैं।
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गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाले डॉ. जगदीश पिल्लई को वह अपना आदर्श मानती हैं। समारोह के दौरान विश्व मानवाधिकार आयोग की चेयरमैन प्रभा किरण, आचार्य बालयोगी महाराज, डॉ. बिपिन मित्रा, डॉ. रविकांत गुप्ता आदि मौजूद रहे।
पहले भी हो चुकी हैं सम्मानित
नेहा सिंह
अभी हाल ही में नेहा सिंह ने 38417 अंगुलियों के निशान से पूरी हनुमान चालीसा लिख कर विश्व रिकार्ड अपने नाम किया। 449 फीट कपड़े पर नेहा ने पूरी हनुमान चालीसा अंगुलियों के निशान से उतारी थी।
यूरेशिया वर्ल्ड रिकार्ड के भारत के प्रतिनिधि के सानिध्य में पद्मश्री प्रो. सूरज चूड़ामणि गोपाल और उप आयुक्त वाणिज्य कर राकेश सिंह नेहा को यूरेशिया वर्ल्ड रिकार्ड सर्टिफिकेट से सम्मानित किया था।
नेहा सिंह का कहना है कि काशी विद्यापीठ की प्रोफेसर मंजुला चतुर्वेदी के सामाजिक कार्यों से वो प्रेरणा लेती रहती है और हमेशा कुछ नया करने की सोचती हैं। हनुमान चालीसा लिखने वाले इस कार्य में बीएचयू के प्रो. सुरेश नायर एवं राम महेश्वरी का भी सहयोग रहा।
यूरेशिया वर्ल्ड रिकार्ड के भारत के प्रतिनिधि के सानिध्य में पद्मश्री प्रो. सूरज चूड़ामणि गोपाल और उप आयुक्त वाणिज्य कर राकेश सिंह नेहा को यूरेशिया वर्ल्ड रिकार्ड सर्टिफिकेट से सम्मानित किया था।
नेहा सिंह का कहना है कि काशी विद्यापीठ की प्रोफेसर मंजुला चतुर्वेदी के सामाजिक कार्यों से वो प्रेरणा लेती रहती है और हमेशा कुछ नया करने की सोचती हैं। हनुमान चालीसा लिखने वाले इस कार्य में बीएचयू के प्रो. सुरेश नायर एवं राम महेश्वरी का भी सहयोग रहा।