{"_id":"5a0b196a4f1c1b97678bb78d","slug":"varanasi-court-new-order-in-sikraura-murder-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिकरौरा नरसंहार कांड मामले में कोर्ट ने दिया ये नया आदेश, 23 को होगी सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिकरौरा नरसंहार कांड मामले में कोर्ट ने दिया ये नया आदेश, 23 को होगी सुनवाई
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 14 Nov 2017 09:57 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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चंदौली के सिकरौरा नरसंहार कांड मामले में मंगलवार को कोर्ट ने वाराणसी एसएसपी और चंदौली एसपी को नया आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मामले की वादिनी हीरावती को उनके घर से न्यायालय तक पर्याप्त सुरक्षा के बीच पेश कराएं। वादिनी की सुरक्षा के मसले पर सख्त रुख अपनाते हुए यह आदेश विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर/अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय नरेंद्र कुमार झा की अदालत ने दिया है।
मामले की सुनवाई की अगली तिथि 23 नवंबर नियत की गई है। हीरावती के आवेदन पर सिकरौरा नरसंहार कांड की सुनवाई जिला जज के आदेश से अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत से विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर/अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में स्थानांतरित की गई है।
अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश है कि पुराने मामलों को एक्शन प्लान के तहत निस्तारित किया जाए। वर्ष 1987 के इस मामले में बृजेश सिंह के खिलाफ आरोप 1988 में ही बन गया था और तब से यह मामला लंबित चल रहा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में वर्ष 2015 में आदेश पारित कर समय सीमा के अंदर निस्तारित करने को कहा था।
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वादिनी की तरफ से आवेदन दिया गया है कि मंगलवार को उन्हें बयान दर्ज कराना था मगर पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने के कारण वह नहीं आ सकीं। कोर्ट की ओर से पर्याप्त सुरक्षा के बीच पेश कराने संबंधी आदेश की प्रति एसएसपी वाराणसी, एसपी चंदौली और वादिनी को भेजी गई है।
उधर, कड़ी सुरक्षा के बीच एमएलसी बृजेश सिंह को सेंट्रल जेल से अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत लाया गया था। मगर, बनारस बार अध्यक्ष के घर हुई चोरी के विरोध में अधिवक्ता हड़ताल पर थे। सुनवाई की अगली तिथि 23 नवंबर नियत होने के बाद एमएलसी को पुलिस वापस सेंट्रल जेल लेकर चली गई।
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मामले की सुनवाई की अगली तिथि 23 नवंबर नियत की गई है। हीरावती के आवेदन पर सिकरौरा नरसंहार कांड की सुनवाई जिला जज के आदेश से अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत से विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर/अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में स्थानांतरित की गई है।
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अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश है कि पुराने मामलों को एक्शन प्लान के तहत निस्तारित किया जाए। वर्ष 1987 के इस मामले में बृजेश सिंह के खिलाफ आरोप 1988 में ही बन गया था और तब से यह मामला लंबित चल रहा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में वर्ष 2015 में आदेश पारित कर समय सीमा के अंदर निस्तारित करने को कहा था।
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वादिनी की तरफ से आवेदन दिया गया है कि मंगलवार को उन्हें बयान दर्ज कराना था मगर पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने के कारण वह नहीं आ सकीं। कोर्ट की ओर से पर्याप्त सुरक्षा के बीच पेश कराने संबंधी आदेश की प्रति एसएसपी वाराणसी, एसपी चंदौली और वादिनी को भेजी गई है।
उधर, कड़ी सुरक्षा के बीच एमएलसी बृजेश सिंह को सेंट्रल जेल से अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत लाया गया था। मगर, बनारस बार अध्यक्ष के घर हुई चोरी के विरोध में अधिवक्ता हड़ताल पर थे। सुनवाई की अगली तिथि 23 नवंबर नियत होने के बाद एमएलसी को पुलिस वापस सेंट्रल जेल लेकर चली गई।