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सपा के पूर्व सांसद और उसके बेटे को कोर्ट ने फरार घोषित किया, इस मामले में हैं आरोपी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 13 Oct 2018 01:32 PM IST
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जवाहर जायसवाल
- फोटो : self
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव की अदालत ने बैंक कर्मी महेश जायसवाल की हत्या के आरोप में सपा के पूर्व सांसद और शराब कारोबारी जवाहर जायसवाल व उनके बेटे गौरव जायसवाल को फरार घोषित किया है।
कोर्ट ने आदेश में कहा है कि आरोपियों के स्थायी-अस्थायी आवास और रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, कलेक्ट्रेट व कचहरी जैसे सार्वजनिक स्थलों पर उनके फरार होने की सूचना चस्पा कराई जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय समाचार पत्रों में भी फरार होने के आदेश का प्रकाशन कराया जाए।
अदालत में मामले के विवेचक इंस्पेक्टर कैंट राजीव रंजन उपाध्याय ने आवेदन देकर कहा कि जवाहर और गौरव की गिरफ्तारी का वारंट जारी है। दोनों आरोपी अपने सगे-संबंधियों के जरिये अपनी संपत्तियां हटा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश नहीं जारी है। ऐसे में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाए।
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कोर्ट ने पत्रावली के अवलोकन के बाद आदेश में कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी की लेकिन दोनों आरोपी पकड़े नहीं जा सके। कोर्ट में दोनों आरोपियों के आत्मसमर्पण का आवेदन भी नहीं दाखिल है और इस संबंध में स्थगन आदेश भी नहीं है। ऐसे में दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाता है।
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कोर्ट ने आदेश में कहा है कि आरोपियों के स्थायी-अस्थायी आवास और रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, कलेक्ट्रेट व कचहरी जैसे सार्वजनिक स्थलों पर उनके फरार होने की सूचना चस्पा कराई जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय समाचार पत्रों में भी फरार होने के आदेश का प्रकाशन कराया जाए।
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अदालत में मामले के विवेचक इंस्पेक्टर कैंट राजीव रंजन उपाध्याय ने आवेदन देकर कहा कि जवाहर और गौरव की गिरफ्तारी का वारंट जारी है। दोनों आरोपी अपने सगे-संबंधियों के जरिये अपनी संपत्तियां हटा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश नहीं जारी है। ऐसे में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाए।
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कोर्ट ने पत्रावली के अवलोकन के बाद आदेश में कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी की लेकिन दोनों आरोपी पकड़े नहीं जा सके। कोर्ट में दोनों आरोपियों के आत्मसमर्पण का आवेदन भी नहीं दाखिल है और इस संबंध में स्थगन आदेश भी नहीं है। ऐसे में दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाता है।
यह है पूरा मामला
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बता दें कि 23 अप्रैल 2012 को अर्दली बाजार निवासी बैंक कर्मचारी महेश जायसवाल की हत्या भोजूबीर में गोली मार कर की गई थी। कैंट पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना में सनी सिंह व हैदर (दोनों मारे गए), जिला जेल में निरुद्ध रिंकू उर्फ फहीम, बांदा जेल में निरुद्ध अजय-विजय, गाजीपुर जेल में निरुद्ध रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू सहित आठ आरोपियों का नाम प्रकाश में आया।
इस बीच महेश के भाई गुड्डू ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि हत्या उनकी की जानी थी, लेकिन गलती से महेश की कर दी गई। इसके साथ ही गुड्डू ने हत्या का सूत्रधार जवाहर और उसके बेटे गौरव को बताया।
साथ गुड्डू जायसवाल ही कहना था कि उनके भाई की हत्या हुए साढ़े छह साल से ज्यादा समय हो गया, लेकिन वो न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में जवाहर के प्रभाव के कारण पुलिस ने उनकी कोई खास मदद नहीं की।
विवेचना में सनी सिंह व हैदर (दोनों मारे गए), जिला जेल में निरुद्ध रिंकू उर्फ फहीम, बांदा जेल में निरुद्ध अजय-विजय, गाजीपुर जेल में निरुद्ध रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू सहित आठ आरोपियों का नाम प्रकाश में आया।
इस बीच महेश के भाई गुड्डू ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि हत्या उनकी की जानी थी, लेकिन गलती से महेश की कर दी गई। इसके साथ ही गुड्डू ने हत्या का सूत्रधार जवाहर और उसके बेटे गौरव को बताया।
साथ गुड्डू जायसवाल ही कहना था कि उनके भाई की हत्या हुए साढ़े छह साल से ज्यादा समय हो गया, लेकिन वो न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में जवाहर के प्रभाव के कारण पुलिस ने उनकी कोई खास मदद नहीं की।