{"_id":"5ea33e3b8ebc3e90955a6864","slug":"varanasi-city-news-vns5218576185","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में काशी विद्वत परिषद के विद्वान जुटे हैं रचनात्मक कार्यों में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में काशी विद्वत परिषद के विद्वान जुटे हैं रचनात्मक कार्यों में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। लॉकडाउन के कारण जहां एक तरफ बहुत सारे लोगों की जिंदगी में ठहराव आ गया है वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो रचनात्मकता के साथ नया सृजन कर रहे हैं। बात करें काशी के विद्वानों की तो वह व्याकरण शास्त्र की पंक्तियों के रहस्य को खोलने में जुटे हैं। काशी विद्वत परिषद के मंत्री डॉ. रामनारायण द्विवेदी व्युत्पत्तिवाद और वैयाकरण भूषण सार जैसे ग्रंथों की पंक्तियों के रहस्यों को सुलझाने में लगे हुए हैं।
दिनचर्या की शुरुआत सुबह चार बजे स्नान, ध्यान और योग से होती है। इसके साथ ही ऑनलाइन छात्रों की तीन घंटे की कक्षा भी चलती है। इसके बाद शुरू होती है व्याकरण शास्त्र की पंक्तियों के रहस्यों की खोज। इसके साथ ही पूरा दिन घर में रहने के बाद दोनों पुत्र स्वस्तिक द्विवेदी और शुभ द्विवेदी को भी सुभाषित श्लोकों का स्मरण करा रहे हैं। अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की तरफ से संचालित होने वाले दैनिक भोजन की व्यवस्था की सूचना भी महंत रामेश्वर पुरी को फोन के माध्यम से उपलब्ध कराते हैं।
काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल लॉकडाउन के दौरान शास्त्राभ्यास और देव आराधना में समय बिता रहे हैं। इसके साथ ही फोन पर ही विद्वानों की समस्याओं के समाधान भी करते हैं। 93 साल की अवस्था में भी वह संस्कृत के प्रति काफी सक्रिय हैं। उनकी दिनचर्या प्रात: छह बजे से आरंभ हो जाती है। योगाभ्यास के बाद मां भगवती का पूजन, दुर्गापाठ संपन्न होता है। इसके बाद शास्त्राभ्यास और चर्चा आरंभ हो जाती है। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने जनता से पीएम मोदी द्वारा बताए गए सप्तपदी के पालन की अपील भी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिनचर्या की शुरुआत सुबह चार बजे स्नान, ध्यान और योग से होती है। इसके साथ ही ऑनलाइन छात्रों की तीन घंटे की कक्षा भी चलती है। इसके बाद शुरू होती है व्याकरण शास्त्र की पंक्तियों के रहस्यों की खोज। इसके साथ ही पूरा दिन घर में रहने के बाद दोनों पुत्र स्वस्तिक द्विवेदी और शुभ द्विवेदी को भी सुभाषित श्लोकों का स्मरण करा रहे हैं। अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की तरफ से संचालित होने वाले दैनिक भोजन की व्यवस्था की सूचना भी महंत रामेश्वर पुरी को फोन के माध्यम से उपलब्ध कराते हैं।
विज्ञापन
काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल लॉकडाउन के दौरान शास्त्राभ्यास और देव आराधना में समय बिता रहे हैं। इसके साथ ही फोन पर ही विद्वानों की समस्याओं के समाधान भी करते हैं। 93 साल की अवस्था में भी वह संस्कृत के प्रति काफी सक्रिय हैं। उनकी दिनचर्या प्रात: छह बजे से आरंभ हो जाती है। योगाभ्यास के बाद मां भगवती का पूजन, दुर्गापाठ संपन्न होता है। इसके बाद शास्त्राभ्यास और चर्चा आरंभ हो जाती है। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने जनता से पीएम मोदी द्वारा बताए गए सप्तपदी के पालन की अपील भी की है।
विज्ञापन