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प्रवेश, रिजल्ट के साथ बची हुई परीक्षाओं को लेकर परेशान है छात्र
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वाराणसी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अनलॉक 1.0 में 10 और 12 के छात्रों के लिए टेली काउंसलिंग को एक बार फिर से शुरू कर दी है। जहां बच्चे भविष्य के सपनों को लेकर कई सवाल पूछ रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से उन्हें अच्छे विश्वविद्यालय में प्रवेश की चिंता सता रही हैं। वहीं कुछ ऐसे भी बच्चे हैं जो 12वीं के बाद विदेश जाने की सोच रहे थे, उनके सामने भी भविष्य के सपनों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कोरोना के कारण उनके विदेश जाकर पढ़ाई करने के सपनों पर ब्रेक जैसा लग गया है। सीबीएसई कोआर्डिनेटर गुरमीत कौर की माने तो टेली काउंसलिंग में दसवीं से ज्यादा इंटर के छात्रों की छात्रों की समस्या और सवाल आ रहे है। उन्होंने बताया कि कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते हैं। लॉकडाउन के कारण उन्हें इन विश्वविद्यालयों के प्रवेश से जुड़ी कोई जानकारियां नहीं मिल पा रहीं है। इंजीनियरिंग और मेडिकल के प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र अपने रिजल्ट को लेकर के लिए चिंतित हैं।
गुरमीत कौर ने बताया कि सीबीएसई ने दसवीं व बारहवीं के छात्रों को उनकी शेष परीक्षाओं को अपने जिले में ही देने और परीक्षा सेंटर बदलने की अनुमति दे दी है। इससे भी कई छात्र तनाव में हैं, क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण कई छात्र ऐसे हैं जो हॉस्टल में रहकर पढ़ते थे। अब वह अपने घर चले गए हैं, ऐसे में उन्हें अपने जिले में ही परीक्षा देनी होगी। जिस जिले में सीबीएसई से संबंधित स्कूल नहीं होगा ऐसी स्थिति में छात्र के पड़ोस के जिले में सेंटर आवंटित किया जाएगा। ऐसे में छात्रों में अपने भविष्य को लेकर शंका की स्थिति बनी हुई है। जिसका टेली काउंसलिंग के जरिए समाधान किया जा रहा है।
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कोरोना के कारण उनके विदेश जाकर पढ़ाई करने के सपनों पर ब्रेक जैसा लग गया है। सीबीएसई कोआर्डिनेटर गुरमीत कौर की माने तो टेली काउंसलिंग में दसवीं से ज्यादा इंटर के छात्रों की छात्रों की समस्या और सवाल आ रहे है। उन्होंने बताया कि कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते हैं। लॉकडाउन के कारण उन्हें इन विश्वविद्यालयों के प्रवेश से जुड़ी कोई जानकारियां नहीं मिल पा रहीं है। इंजीनियरिंग और मेडिकल के प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र अपने रिजल्ट को लेकर के लिए चिंतित हैं।
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गुरमीत कौर ने बताया कि सीबीएसई ने दसवीं व बारहवीं के छात्रों को उनकी शेष परीक्षाओं को अपने जिले में ही देने और परीक्षा सेंटर बदलने की अनुमति दे दी है। इससे भी कई छात्र तनाव में हैं, क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण कई छात्र ऐसे हैं जो हॉस्टल में रहकर पढ़ते थे। अब वह अपने घर चले गए हैं, ऐसे में उन्हें अपने जिले में ही परीक्षा देनी होगी। जिस जिले में सीबीएसई से संबंधित स्कूल नहीं होगा ऐसी स्थिति में छात्र के पड़ोस के जिले में सेंटर आवंटित किया जाएगा। ऐसे में छात्रों में अपने भविष्य को लेकर शंका की स्थिति बनी हुई है। जिसका टेली काउंसलिंग के जरिए समाधान किया जा रहा है।
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