Varanasi News: घाटों से धाम तक हर गली बैरिकेडिंग, हर-हर महादेव से गूंजी काशी; विदेशी भक्त भी पहुंचे दर्शन को
सावन के दूसरे सोमवार को काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। घाटों और गोदौलिया से धाम तक गलियां बैरिकेडिंग जैसी नजर आईं। जापान-अमेरिका के भक्तों के साथ बच्चों और डाक बमों ने भी दर्शन किए। पश्चिम बंगाल, बिहार और असम से कांवड़ियों की संख्या अधिक रही।
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सावन के दूसरे सोमवार को काशी में आस्था का अद्भुत रंग देखने को मिला। घाटों से निकलने वाली लगभग हर गली बाबा विश्वनाथ धाम तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कतार और बैरिकेडिंग से घिरी नजर आई। गोदौलिया और घाटों की ओर से आने वाले रास्तों पर घंटों भक्तों की भीड़ बनी रही। हर तरफ हर-हर महादेव का जयघोष गूंजता रहा।
काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश ही नहीं, विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। जापान और अमेरिका से आए भक्त भी हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए कतार में लगे। देसी श्रद्धालु भी भक्ति के अलग-अलग रंग में नजर आए। कोई शरीर पर भभूत लगाए था तो किसी ने गले में मानव खोपड़ी के प्रतिरूपों की माला और शिवलिंग धारण कर रखा था।
एक औघड़ बाबा ने कतार में लगे श्रद्धालुओं से कहा, “ओम नमो नारायण। शिव को पहचानो, अपने आपको जानो। जब अपने आपको जानोगे तो शिव को पहचान लोगे।” उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि जिस तरह वे शिव की सेवा कर रहे हैं, उसी तरह अपनी मां की भी सेवा करें।
इस बार पश्चिम बंगाल, बिहार और असम से आने वाले कांवड़ियों की संख्या भी काफी रही। बच्चों में भी बाबा के दर्शन को लेकर उत्साह नजर आया। एलकेजी के पांच वर्षीय कौशल और यूकेजी की सात वर्षीय नंदिनी प्रयागराज से दादा-दादी के साथ कंधे पर गंगाजल लेकर काशी पहुंचे। दोनों ने करीब चार से पांच घंटे कतार में लगकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए।
कई डाक बम भी बिना डीजे और तड़क-भड़क के मौन धारण कर यात्रा करते नजर आए। हालांकि, गंगा स्नान के बाद कतार में लगे कुछ कांवड़ियों ने गर्मी और उमस को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अन्य धामों में कतार के दौरान एसी की व्यवस्था रहती है, जबकि यहां तेज धूप और उमस में घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है।