वाराणसी एयरपोर्ट: डीजीसीए ऑडिट के अंतिम दिन रनवे विस्तार कार्य, सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल; रिपोर्ट का इंतजार
डीजीसीए ऑडिट के अंतिम दिन रनवे विस्तार कार्य और सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की गई। तीन दिनों तक चली प्रक्रिया में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी), रनवे, सुरक्षा व्यवस्था, निर्माण कार्य और विभागीय दस्तावेजों का निरीक्षण किया गया। टीम ने व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की। अब अधिकारियों और एयरपोर्ट प्रबंधन को ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार है।
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बाबतपुर लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर चल रहा नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) का तीन दिवसीय रूटीन ऑडिट शुक्रवार को संपन्न हो गया। ऑडिट के अंतिम दिन भी अधिकारियों ने एयरपोर्ट के संचालन और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की बारीकी से पड़ताल की।
तीन दिनों तक चली जांच में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी), रनवे, सुरक्षा व्यवस्था, विभिन्न विभागों के रिकॉर्ड व दस्तावेजों के साथ ही रनवे विस्तार कार्य से जुड़े सुरक्षा मानकों को प्रमुखता से देखा गया। हाल में विमान लैंडिंग के दौरान गिट्टी का मलबा मिलने की घटना को देखते हुए निर्माण स्थल और रनवे के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष नजर रही।
डीजीसीए की ओर से ऑडिट के लिए प्रमोद कुमार और सत्यप्रकाश राय वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे थे। बुधवार से शुरू हुई जांच के पहले दिन अधिकारियों ने एयरपोर्ट की समग्र व्यवस्था और संचालन से जुड़े बिंदुओं को देखा। इसके बाद दूसरे दिन एटीसी, रनवे और अन्य ऑपरेशनल क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से व्यवस्थाओं और निर्धारित प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी लेने के साथ दस्तावेजों और रिकॉर्ड का भी मिलान किया।
ऑडिट के तीसरे और अंतिम दिन शुक्रवार को रनवे विस्तार कार्य से जुड़े हिस्से पर विशेष ध्यान रहा। करीब दस दिन पहले रात में निर्माण कार्य के दौरान रनवे पर गिट्टी का मलबा बिखरने के बाद एहतियात के तौर पर रनवे को करीब तीन घंटे तक बंद करना पड़ा था। इस घटना के बाद डीजीसीए की ओर से निर्माण कार्य के दौरान रनवे सुरक्षा को लेकर विशेष गंभीरता दिखाई गई। अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर यह देखा कि काम के दौरान मलबा, गिट्टी या अन्य सामग्री रनवे तक न पहुंचे और निर्माण पूरा होने के बाद विमान संचालन के लिए रनवे सौंपने से पहले उसकी पूरी तरह सफाई सुनिश्चित हो।
एयरपोर्ट और पीएनसी के अधिकारियों से बैठक
जांच के दौरान डीजीसीए अधिकारियों ने एयरपोर्ट प्रबंधन के साथ ही रनवे विस्तार कार्य से जुड़ी एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन, कार्यस्थल की निगरानी और रात में काम खत्म होने के बाद रनवे की सफाई जैसे बिंदुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य के कारण विमान संचालन की सुरक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
दस्तावेजों से लेकर जमीनी व्यवस्था तक जांच
तीन दिवसीय ऑडिट में केवल कागजी रिकॉर्ड तक जांच सीमित नहीं रही। डीजीसीए अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के दस्तावेजों और रिकॉर्ड का परीक्षण करने के साथ मौके पर व्यवस्थाओं की स्थिति भी देखी। निर्धारित प्रक्रियाओं का अनुपालन, ऑपरेशनल व्यवस्था, एटीसी और रनवे से जुड़े सुरक्षा मानक तथा निर्माण कार्य के दौरान अपनाई जा रही सावधानियां,रविवार को एयरपोर्ट पर कमलेश राय नामक व्यक्ति के लाइसेंसी गन से चली गोली में दो सुरक्षा कर्मी के घायल वाले स्पॉट की जांच के प्रमुख बिंदु रहे। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी भी ली गई।
कोई बड़ी आपत्ति नहीं, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि डीजीसीए का तीन दिवसीय रूटीन ऑडिट शुक्रवार को सकुशल संपन्न हो गया। ऑडिट के दौरान कोई बड़ी आपत्ति सामने नहीं आई है। हालांकि, अंतिम टिप्पणी, सुझाव या सुधार के लिए दिए जाने वाले निर्देश डीजीसीए की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे। ऑडिट टीम के दोनों अधिकारी शुक्रवार को अलग-अलग समय पर एयरपोर्ट से रवाना हुए। प्रमोद कुमार शाम करीब चार बजे की विमान सेवा से रवाना हुए, जबकि सत्यप्रकाश राय देर शाम विमान से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
अब एयरपोर्ट प्रशासन की नजर डीजीसीए की अंतिम रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट में यदि किसी व्यवस्था में सुधार, अतिरिक्त सुरक्षा उपाय या अनुपालन संबंधी निर्देश दिए जाते हैं तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर रनवे विस्तार कार्य के दौरान मलबा रनवे तक न पहुंचने और विमान संचालन से पहले रनवे की पूरी तरह सफाई सुनिश्चित करने संबंधी सुरक्षा उपायों को लेकर रिपोर्ट में आने वाली टिप्पणियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।