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वरुणा का गला घोंटने वाले होटल कारोबारी पर प्रशासन ने कसा शिकंजा

Tue, 06 Jun 2017 05:49 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Tue, 06 Jun 2017 05:49 PM IST
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varanasi admistration take action against varuna encroachment
राजस्व विभाग की मिलीभगत से होटल कारोबारी ने राजस्व रिकॉर्ड में कराई छेड़छाड़ - फोटो : अमर उजाला
अंतत: जिला प्रशासन ने मान लिया है कि डीएम आवास के पीछे भीम नगर में वरुणा नदी के किनारे कब्जा कर पाट दिया गया है। इस मामले में होटल एवं शराब कारोबारी हीरालाल जायसवाल पर प्रशासन ने शिकंजा भी कस दिया है। अब जायसवाल को नोटिस देने की तैयारी है।
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उनसे पूछा जाएगा कि नदी किनारे जमीन पाटने के लिए मिट्टी कहां से लाई गई और नदी के कितने क्षेत्र में कितनी मिट्टी पाटी गई है? दोनों मसलों पर जायसवाल पर जुर्माना भी लगाया जाना है। जुर्माने की राशि का आकलन जिला खनन विभाग कर रहा है।
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सोमवार को अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ त्रिभुवन ने भीम नगर स्थित जमीन का मौका-मुआयना किया। बताया, नदी किनारे किसी भी तरह के अतिक्रमण पर पाबंदी है। बावजूद इसके यहां न सिर्फ तलहटी तक जमीन पाट दी गई बल्कि दीवार बनाकर उस पर कब्जा भी जमा लिया गया।
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किन परिस्थितियों में ऐसा हुआ, इसकी जांच की जा रही है। बता दें कि भीम नगर में होटल बनाने के लिए नगर निगम की जमीन को अपने नाम विनिमय कराने के मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। प्रकरण में डीएम ने विनिमय रद्द करने के साथ ही एएसडीएम बसंत कुमार गुप्ता के अधिकार छीनने के साथ ही उनके निलंबन की संस्तुति शासन से की है।


त्रिभुवन ने बताया कि नदी की तलहटी पाटने के लिए मिट्टी वैधानिक तरीके से लाई गई या फिर अवैध खनन के जरिए? इसकी भी जांच की जाएगी। कितने घन मीटर मिट्टी से नदी की जमीन को पाटा गया है, इसका भी आकलन कराया जा रहा है।

इसी आधार पर जुर्माने की राशि तय होगी। यह जिम्मेदारी जिला खनन अधिकारी को दी गई है। जिला खनन अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि बताए गए बिंदुओं वह जांच कर रिपोर्ट जल्दी ही उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।
 

ज्ञानपुर नहर से 10 को छोड़ा जाएगा पानी


 गर्मी के मौसम में वरुणा सूख गई है। नदी में कई जगह पानी इकट्ठा होकर सड़ने लगा है। स्नान-ध्यान की कौन कहे, मवेशियों के पीने के लिए भी पानी नहीं बचा है। जलीय जीव जंतु घोंघा, मेढक, मछली, वनस्पतियों में घृत कुमारी, शैवाल जहां गुम हो गए हैं वहीं भूजल स्तर से भी नीचे चला गया है।

ज्ञानपुर नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता के एन जायसवाल का कहना है कि 10 जून से वरुणा में पानी छोड़ा जाएगा। चार दिन में यह पानी प्रभावित इलाकों में पहुंच जाएगा।

 तटवासियों को राहत देने के लिए गत वर्ष ज्ञानपुर प्रखंड, कनेरी स्केप, भाला माइनर, लक्ष्मणपुर, डिबाई रजवाहा से पानी छोड़ा गया था। तटीय गांव रामेश्वर, लच्छीपुर, हीरमपुर, चक्का, औसानपुर, भतसार, भीटकुरी, कालिका धाम, सरावां, अनौरा, कोइराजपुर, सत्तनपुर, खंडा, रसूलपुर के नागरिकों ने वरुणा नदी में जल भराव की मांग की है।
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