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जुनून, मेहनत और जीत: सुबह जो हाथ मिट्टी के बर्तनों को देते हैं आकार, शाम को हैंडबॉल में करते हैं कमाल
Sat, 30 May 2026 01:01 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Sat, 30 May 2026 01:01 PM IST
सार
Varanasi News: रसूलपुर की वंशिका ने संघर्ष और मेहनत के बदौलत दो स्कूली नेशनल व संघ की प्रतियोगिताओं में जिले का मान बढ़ाया। वह अपनी मां के साथ मिट्टी के बर्तन बनाने में मदद करती हैं। इसके साथ ही वह खेल के प्रति गंभीर रहती हैं।
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मां के साथ मिट्टी के बर्तन बनातीं हैंडबॉल खिलाड़ी वंशिका
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रसूलपुर लमही गांव निवासी मनोज कुमार प्रजापति की बेटी वंशिका प्रजापति हैंडबॉल के मैदान में अपने शानदार प्रदर्शन से जिले का नाम रोशन कर रही हैं। एक सीजन में उन्होंने सब जूनियर और जूनियर वर्ग के 23 मुकाबलों में 174 गोल किए हैं। वंशिका दो स्कूली नेशनल और हैंडबॉल संघ की प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के लिए पदक जीत चुकी हैं।
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उन्होंने वर्ष 2024 और 2025 की स्कूली खेलों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी टीम का प्रतिनिधित्व किया है। गरीब परिवार में जन्मी वंशिका के पिता वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटी के सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया। कई बार घर की जरूरतों और खेल के खर्च के बीच संघर्ष हुआ, लेकिन वंशिका ने हार मानने के बजाय अपने इरादों को और मजबूत किया।
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गांव की गलियों से शुरू हुआ सफर
गांव की गलियों से शुरू हुआ खेल का सफर आज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। तेज रफ्तार खेल, सटीक रणनीति और जबरदस्त फिटनेस के दम पर वंशिका ने स्कूली और हैंडबॉल संघ की प्रतियोगिताओं में टीम के लिए खुद को उपयोगी साबित किया है। वह विकास इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा हैं। वंशिका कहती हैं, “सपने बड़े हों तो मुश्किलें रास्ता नहीं रोक सकतीं। मैं चाहती हूं कि गांव की बेटियां भी खेल और शिक्षा में आगे बढ़ें।”
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हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा
उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ के उपाध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने कहा कि वंशिका हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा मान बैठती हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और परिवार के विश्वास से कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। रसूलपुर लमही की यह बेटी अब सिर्फ अपने परिवार ही नहीं, बल्कि जिले का भी गौरव बन चुकी है।
उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ के उपाध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने कहा कि वंशिका हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा मान बैठती हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और परिवार के विश्वास से कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। रसूलपुर लमही की यह बेटी अब सिर्फ अपने परिवार ही नहीं, बल्कि जिले का भी गौरव बन चुकी है।