फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   uttar pradesh many arto are millionaire

प्रदेश के ज्यादातर एआरटीओ हैं करोड़पति, योगी राज में थम गई वसूली

Wed, 14 Jun 2017 11:03 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,जौनपुर
ब्यूरो,अमर उजाला,जौनपुर Updated Wed, 14 Jun 2017 11:03 AM IST
विज्ञापन
uttar pradesh many arto are millionaire
योगी आदित्यनाथ - फोटो : google
चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव की संपत्ति का खुलासा होना कोई बड़ी बात नहीं है। प्रदेश के ज्यादातर एआरटीओ करोड़पति है। उनके पास लखनऊ में फ्लैट से लेकर जमीनें तक हैं। जांच कराई जाए तो प्रदेश के 100 से अधिक एआरटीओ में हर एक के पास करोड़ों की प्रापर्टी सामने आएगी।
विज्ञापन


इसका प्रमुख कारण यह है कि लगभग हर जिले में 80 लाख से एक करोड़ की वसूली इंट्री के नाम पर होती थी। योगी सरकार में यह अवैध वसूली थम गई है। लेकिन आरएस यादव चंदौली में वसूली करा रहा था। इसकी रिपोर्ट परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को भी भेजी थी। जिस पर मंत्री ने रात्रि चेकिंग कराने का निर्देश जोनल आरटीओ को दिया था।
विज्ञापन


योगी सरकार बनने से पहले ओवर लोड वाहन हर जिले से 1500 से 2000 की संख्या में गुजरते थे। इन वाहनों की इंट्री टीएस मान, एनएस, डीएमआर, एएच, संभल गोल्डेन आदि नामों से होती थी। एक वाहन से 1200 से 1800 की वसूली होती थी। जो सीधे एआरटीओ के पास जाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शायद ही प्रदेश का कोई ऐसा जिला होगा जहां यह खेल न होता हो। जौनपुर में इस खेल का खुलासा अमर उजाला ने अभियान चलाकर किया था। जिसके बाद तत्कालीन डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने 25 से अधिक ओवर लोड गाड़ियों को एसडीएम से बंद करवाया था।

स्थिति यह है कि जौनपुर में ऐसी गाड़ियों के बंद करने का प्रयास तत्कालीन पीटीओ ने किया तो उनका ट्रांसफर करा दिया गया। वसूली का पूरा गिरोह है और इस गिरोह में कुछ ट्रांसपोर्टर भी दलाली करते हैं।

ऐसे ट्रांसपोर्टर वसूली का विरोध करने वाले अधिकारियों की  शिकायत करते हैं। चंदौली का अर्जुन वसूली का सरगना था। जो चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही, गाजीपुर जिले के एआरटीओ के लिए इंट्री करता था।
 

छह करोड़ में बिकती है एआरटीओ की कुर्सी

uttar pradesh many arto are millionaire
rs yadav - फोटो : अमर उजाला
जनपद चंदौली में एआरटीओ (प्रवर्तन) मलाईदार पद पाने की कीमत भी काफी ऊंची है। सूत्रों की मानें तो जिस किसी को भी जनपद में इस पोस्ट पर तैनाती चाहिए उसे छह करोड़ रुपए ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़े आकाओं को पहुंचाना पड़ेगा।

हालांकि इस यह रकम दो से तीन माह के भीतर वसूल की जा सकती है बावजूद इसके इसे आरएस यादव का रसूख ही कहिए कि यहां कोई भी अधिकारी एआरटीओ के पद पर तैनाती से कतरा रहा है।

चंदौली जनपद में एआरटीओ का पद मलाईदार हैं। इसके पहले तैनात रहे एआरटीओ ने अपने रसूख और सत्ता में पहुंच के बल पर अकूत संपत्ति कमाई। ट्रकों से अवैध वसूूूली में लिप्त पाए जाने पर पहले निलंबन फिर गिरफ्तारी उसके बाद उनके संपत्ति की जांच का सामना कर रहे राधेश्याम यादव के चलते अब यहां कोई अधिकारी तैनाती नहीं चाह रहा है।

सूत्र बताते हैं कि इस पद पर तैनाती के लिए छह करोड़ रुपए का सुविधा शुल्क तय है। जनपद में एआरटीओ का पद रिक्त है। अभी किसी की भी तैनाती नहीं हो सकी है। जिसके जड़ सुविधा शुल्क सामने आ रहा है। 

एआरटीओ लेते थे ढाई गुना कीमत
 एआरटीओ प्रशासन के पद का अतिरिक्त पदभार संभाल रहे एआरटीओ (प्रवर्तन) द्वारा हर फाईल पर दो गुना सुविधा शुल्क वसूल किया जाता था। ड्राईविंग लाईसेंस बनावाने से लेकर वाहनों के नवीनीकरण एवं नाम परिवर्तन के लिए रेट निर्धारित थे।

जो कोई इस शुल्क को अदा नहीं कर पाता था उसकी फाइल आगे ही नहीं बढ़ती थी। नवीनीकरण में भी उनके द्वारा रखे गए आदमी ही पैसे लेकर नवीनीकरण कराकर डीलरों और सब डीलरों को पेपर पहुंचाते थे।

ऐसा नहीं था कि निलंबित एआरटीओ अपने कार्यकाल में बड़ी मछलियों पर ही हाथ डालता था अपितु छोटी मछलियों से भी उसके गुर्गे हाथ डाले हुए थे। मुगलसराय, चकिया, सकलडीहा समेत सभी क्षेत्रों के लोगों ने बताया कि डीलरों और सब डीलरों से नवीनीकरण के नाम पर उसके गुर्गे 25 हजार रुपये लेते थे जबकि नवीनीकरण शुल्क सात से आठ हजार रुपये के बीच था।

सूत्रों की मानें तो कोई भी डीलर सीधे नवीनीकरण नहीं करा पाता था। कई ने सीधे संपर्क कर कराने की कोशिश की तो तमाम खामियां निकालकर उन्हें पूरा कराने के लिए लौटा दिया जाता था। वहीं कागज गुर्गों के माध्यम से जाते ही एक से दो घंटे में पूरा कर उन्हें पेपर दे दिया जाता था।

शिकंजा कसते ही सामान्य हुआ यातायात

uttar pradesh many arto are millionaire
truck
दौली में काली कमाई के आका एआरटीओ प्रवर्तन आरएस यादव के खिलाफ कार्रवाई के बाद सड़कें सूूनी दिखने लगी हैं। वसूली करने वाले बार्डर छोड़कर गायब हैं। पिछले तीन दिनों से नौबतपुर चेक पोस्ट पर यातायात सामान्य चल रहा है। 

चंदौली में एनएच दो पर अवैध वसूली से बचने के लिए कई बार ट्रक चालक अपने-अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा कर भाग जाते थे। वहीं दूसरी तरफ एआरटीओ के गुर्गों द्वारा जांच के नाम पर भी वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा करा दिया जाता था।

इन दोनों परिस्थितियों के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग जाती थी। जिससे हाईवे पर घंटों जाम लगा रहता था। लेकिन एआरटीओ आरएस यादव के निलंबन के बाद न तो कोई अवैध वसूली हो रही है, न ही जांच के डर से ट्रक चालक अपनी गाड़ियां सड़क किनारे खड़ा कर रहे हैं।

इस संबंध में क्षेत्रीय वनाधिकारी एके यादव ने बताया कि तीन दिनों से हाइवे पर यातायात सामान्य है। ट्रको का आवागमन बार्डर से सुचारू रूप से हो रहा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed