किसान नेताओं का हंगामा: खुद पर पेट्रोल उड़ेला, पुलिसकर्मियों ने छीना लाइटर; 14 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ा
वाराणसी में टोल प्लाजा पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी की सूचना पर किसान और नौजवान खेतों के रास्ते मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से लाइटर भी छीन लिया। पुलिस ने 14 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर तनाव बना रहा।
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जौनपुर बॉर्डर और चोलापुर क्षेत्र में पहुंचने वाले लिंक मार्गों पर पुलिस ने निगरानी शुरू की। डोभी, चंदवक, दानगंज और आसपास के गांव में किसान नेताओं के आंदोलन में शामिल होने की आशंका पर पुलिस ने मंगलवार रात कुछ लोगों को नजरबंद कर दिया।
इस बीच अजीत सिंह दोपहर 12.58 बजे अपने एक साथी के साथ रोडवेज बस से तिरंगा लेकर ढेरही टोल प्लाजा पहुंचे और बस से उतरकर तिरंगा दिखाते हुए एक छोटी बोतल में रखा पेट्रोल अपने ऊपर उड़ेल लिया।
हाथ में लाइटर लेकर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस कर्मियों ने तुरंत हाथ से लाइटर छीन लिया। अजीत सिंह को पुलिस कर्मियों ने गाड़ी में भरा और लेकर राजातालाब थाने गए। गिरफ्तारी की सूचना पर कुछ लोग खेत के रास्ते टोल प्लाजा पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। किसान संगठन के लोगों ने नारे लगाए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद 14 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से कुछ प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर बाद में छोड़ दिया गया।
सड़क हादसे में भतीजा घायल
टोल स्थल से 300 मीटर दूर चोलापुर की तरफ बाइक सवार मृत्युंजय सिंह उर्फ मुन्ना और अंकित सिंह को दूसरी बाइक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में मृत्युंजय सिंह उर्फ मुन्ना की मौत हो गई। वहीं, भतीजे अंकित को हाथ में सिर्फ चोट आईं, जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद छोड़ दिया गया। चोलापुर थाना प्रभारी सधुवन राम गौतम ने बताया कि पड़ोस के गांव तराव निवासी मृत्युंजय सिंह अपने भतीजे अंकित के साथ निकले थे। हादसे के समय दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था और सिर में चोट लगने के कारण मुन्ना को नहीं बचाया जा सका।
दो कंपनी पीएसी, 350 पुलिसकर्मी रहे तैनात
वरुणा जोन के डीसीपी राजेश कुमार पांडेय, एडीसीपी लिपि नगायच समेत एसीपी सतर्क रहे। आंदोलन को लेकर पुलिस ने विशेष एहतियात बरती। लोक संपत्ति की क्षति और उपद्रव नहीं हो, इसके लिए दो कंपनी पीएसी और 350 जवान तैनात किए गए थे। 5 एसीपी, 10 एसएचओ और एडीसीपी और डीसीपी वरुणा जोन मुस्तैद रहे।
मृत बाइक सवार का बेटा सहारनपुर में है दरोगा: तराव गांव निवासी बाइक सवार मृत्युंजय सिंह मुन्ना के दो बेटे हैं। एक बेटा रितेश सिंह सहारनपुर में दरोगा है और दूसरा विनीत सिंह है, जो घर पर रहकर पढ़ाई करता है।