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गैंगरेप मामले में लापरवाही दरोगा को पड़ी भारी, SP ने किया सस्पेंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जौनपुर
Updated Tue, 01 May 2018 02:19 PM IST
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यूपी पुलिस
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संदिग्ध परिस्थितियों में जली गैंगरेप पीड़िता के प्रकरण में लापरवाही बरतना दरोगा को भारी पड़ गया। मामला संज्ञान में आते ही एसपी ने दोरगा को सस्पेंड कर दिया। मामला जौनपुर जिले का है। लापरवाही के आरोप में पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने उपनिरीक्षक जय सिंह को निलंबित कर दिया है।
गैंगरेप की शिकार किशोरी की मां की तहरीर पर दस माह पूर्व तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ मगर एक भी आरोपी अब तक पकड़ा नहीं जा सका। इतना ही नहीं, आरोपी खुलेआम थाना के इर्द गिर्द घूम रहे थे। किन्तु इलाकाई पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही थी।
यही नहीं प्रकरण में लीपापोती करने के लिए किशोरी का तीन माह का गर्भपात भी करा दिया गया था। फिर भी पुलिस मौन रही। पीड़िता की मां न्याय की गुहार लगाने के लिए दर दर की ठोकरे खा रही थी। किशोरी के लिए 26 अप्रैल की रात पहाड़ बनकर आई।
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संदिग्ध परिस्थितियों में किशोरी को आग के हवाले कर दिया गया। घटना की जानकारी जब पुलिस विभाग के आला अफसरों को हुई तब जाकर इनकी नींद खुली। गंभीर रूप से जली किशोरी की हालत खराब होने के कारण डाक्टरों ने जिला अस्पताल से बीएचयू रेफर कर दिया है।
किशोरी अभी जिंदगी से जंग लड़ रही है। यह चर्चा आम है कि पुलिस उन आरोपियों को गिरफ्तार कर ली होती तो शायद किशोरी आग का शोला न बनने पाती। इस प्रकरण में पुलिस ने जितनी तेजी किशोरी के जलने के बाद दिखाई है, इसके पहले दिखाई होती तो शायद न तो किशोरी जलती और न ही दरोगा निलंबित होता।
गैंगरेप की शिकार किशोरी की मां की तहरीर पर दस माह पूर्व तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ मगर एक भी आरोपी अब तक पकड़ा नहीं जा सका। इतना ही नहीं, आरोपी खुलेआम थाना के इर्द गिर्द घूम रहे थे। किन्तु इलाकाई पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही थी।
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यही नहीं प्रकरण में लीपापोती करने के लिए किशोरी का तीन माह का गर्भपात भी करा दिया गया था। फिर भी पुलिस मौन रही। पीड़िता की मां न्याय की गुहार लगाने के लिए दर दर की ठोकरे खा रही थी। किशोरी के लिए 26 अप्रैल की रात पहाड़ बनकर आई।
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संदिग्ध परिस्थितियों में किशोरी को आग के हवाले कर दिया गया। घटना की जानकारी जब पुलिस विभाग के आला अफसरों को हुई तब जाकर इनकी नींद खुली। गंभीर रूप से जली किशोरी की हालत खराब होने के कारण डाक्टरों ने जिला अस्पताल से बीएचयू रेफर कर दिया है।
किशोरी अभी जिंदगी से जंग लड़ रही है। यह चर्चा आम है कि पुलिस उन आरोपियों को गिरफ्तार कर ली होती तो शायद किशोरी आग का शोला न बनने पाती। इस प्रकरण में पुलिस ने जितनी तेजी किशोरी के जलने के बाद दिखाई है, इसके पहले दिखाई होती तो शायद न तो किशोरी जलती और न ही दरोगा निलंबित होता।
बारात में मारपीट, एसओ निलंबित
सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र के पूरन (जोगिनी) गांव में रविवार की भोर बारात में आर्केस्ट्रा डांस करने को लेकर हुई मारपीट की घटना को गंभीरता से न लेने पर एसपी आरपी सिंह ने एसओ नन्हे राम सरोज को निलंबित कर दिया है।
शाहगंज एसओ रहे शिवकुमार मिश्र को पन्नूगंज और घोरावल में नियुक्त उपनिरीक्षक गंगाधर मौर्य को शाहगंज थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पूरन (जोगिनी) गांव निवासी पप्पू के घर शनिवार की रात बारात आई थी।
रविवार की भोर करीब पौने चार बजे आर्केस्ट्रा के महिला कलाकारों ने कार्यक्रम समाप्त होने की बात कहीं तो कुछ लोगों ने डांसरों को मन पसंद गाने पर नृत्य करने के लिए दबाव देने लगे। लेकिन डांसर नृत्य करने के लिए तैयार नहीं हुई। इसको लेकर मारपीट शुरू हो गई।
घटना की सूचना मलिने पर डॉयल 100 के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि पीआरवी के जवानों और किसी व्यक्ति ने घटना की सूचना एसओ को भी दी। लेकिन वे मौके पर विलंब से पहुंचे।
हालांकि जब तक एसओ पहुंचते घराती-बराती पक्ष के लोगों ने आर्केस्टा कलाकारों को समझा-बुझाकर मामले को शांत करा चुके थे। एसपी राम प्रताप सिंह ने बताया पीआरवी के बताने पर भी घटना को लेकर बरती गई लापरवाही पर पन्नू्रगंज एसओ नन्हे राम सरोज को निलंबित कर दिया गया है। कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
शाहगंज एसओ रहे शिवकुमार मिश्र को पन्नूगंज और घोरावल में नियुक्त उपनिरीक्षक गंगाधर मौर्य को शाहगंज थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पूरन (जोगिनी) गांव निवासी पप्पू के घर शनिवार की रात बारात आई थी।
रविवार की भोर करीब पौने चार बजे आर्केस्ट्रा के महिला कलाकारों ने कार्यक्रम समाप्त होने की बात कहीं तो कुछ लोगों ने डांसरों को मन पसंद गाने पर नृत्य करने के लिए दबाव देने लगे। लेकिन डांसर नृत्य करने के लिए तैयार नहीं हुई। इसको लेकर मारपीट शुरू हो गई।
घटना की सूचना मलिने पर डॉयल 100 के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि पीआरवी के जवानों और किसी व्यक्ति ने घटना की सूचना एसओ को भी दी। लेकिन वे मौके पर विलंब से पहुंचे।
हालांकि जब तक एसओ पहुंचते घराती-बराती पक्ष के लोगों ने आर्केस्टा कलाकारों को समझा-बुझाकर मामले को शांत करा चुके थे। एसपी राम प्रताप सिंह ने बताया पीआरवी के बताने पर भी घटना को लेकर बरती गई लापरवाही पर पन्नू्रगंज एसओ नन्हे राम सरोज को निलंबित कर दिया गया है। कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।