{"_id":"59eee8064f1c1b76678b70ed","slug":"up-police-changed-in-yogi-government-criminals-run-away","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" सत्ता बदलने के साथ बदले यूपी पुलिस के तेवर, अपराधियों में खौफ की लहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्ता बदलने के साथ बदले यूपी पुलिस के तेवर, अपराधियों में खौफ की लहर
amarujala.com- Written by: पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:53 AM IST
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मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में सरकार बदलने के साथ पुलिस के तेवर भी बदले हुए दिख रहे हैं। यही वजह है कि बदमाशों के खिलाफ अब सख्त रवैया अख्तियार कर रही है। बीते छह महीने में वाराणसी जोन के दस जिलों में पुलिस ने तीन बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया। साथ ही, 176 इनामी बदमाश गिरफ्तार किए गए हैं। कारगर कार्रवाई में सबसे ज्यादा सक्रियता आजमगढ़ पुलिस ने दिखाई है।
मार्च से अब तक जोन के दस जिलों में पुलिस और बदमाशों के बीच 20 बार मुठभेड़ हो चुकी है। आजमगढ़ जिले में अगस्त के पहले हफ्ते में पुलिस ने 12 हजार के इनामी जयहिंद यादव, अगस्त के तीसरे हफ्ते में डी-9 गैंग के सरगना 50 हजार के इनामी सुजीत सिंह उर्फ बुढ़वा और सितंबर के दूसरे हफ्ते में 15 हजार के इनामी बदमाश रामजी पासी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
अलग-अलग मुठभेड़ में सात बदमाश और 10 पुलिसकर्मी घायल हुए। इस बीच पुलिस ने बदमाशों की साढ़े पांच करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। साथ ही सात के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से बड़े अपराधी भी दहशत में आ गए हैं।
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मार्च से अब तक जोन के दस जिलों में पुलिस और बदमाशों के बीच 20 बार मुठभेड़ हो चुकी है। आजमगढ़ जिले में अगस्त के पहले हफ्ते में पुलिस ने 12 हजार के इनामी जयहिंद यादव, अगस्त के तीसरे हफ्ते में डी-9 गैंग के सरगना 50 हजार के इनामी सुजीत सिंह उर्फ बुढ़वा और सितंबर के दूसरे हफ्ते में 15 हजार के इनामी बदमाश रामजी पासी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
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अलग-अलग मुठभेड़ में सात बदमाश और 10 पुलिसकर्मी घायल हुए। इस बीच पुलिस ने बदमाशों की साढ़े पांच करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। साथ ही सात के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से बड़े अपराधी भी दहशत में आ गए हैं।
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अब भी कुख्यात बदमाश बने हुए हैं चुनौती
वाराणसी जोन में कई कुख्यात बदमाश पुलिस के लिए अब भी चुनौती बने हुए हैं। गाजीपुर के मुहम्मदाबाद क्षेत्र का अताउर्रहमान उर्फ बाबू व शहाबुद्दीन और बलिया के हल्दी निवासी कौशल कुमार चौबे पर दो लाख का इनाम है। ये तीनों पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
इसी तरह, बनारस के कोतवाली थाना क्षेत्र के कपिलेश्वर गली निवासी विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली, जंसा थाना के दीनदासपुर का मनीष सिंह, चौबेपुर के धरहरा का इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी, चोलापुर के गोसाईंपुर का सुनील यादव, चौबेपुर के धन्नीपुर पचरांवा का अजीम अहमद, लखनऊ के आलमबाग के गढ़ी कनौरा हरचंदपुर के सलीम उर्फ मुख्तार शेख और भदोही जिले के गोपीगंज के बर्जीकला निवासी पिंटू उर्फ रुद्रेश उपाध्याय और कानपुर व बनारस में छिप कर रहने वाले रईस बनारसी पर 50 हजार का इनाम घोषित है।
इन बदमाशों को गिरफ्तार करना तो दूर, पुलिस इनके ठिकानों तक भी नहीं पहुंच पा रही है। वहीं, एसटीएफ भी इन बदमाशों के खिलाफ कुछ खास कार्रवाई नहीं कर सकी।
इसी तरह, बनारस के कोतवाली थाना क्षेत्र के कपिलेश्वर गली निवासी विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली, जंसा थाना के दीनदासपुर का मनीष सिंह, चौबेपुर के धरहरा का इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी, चोलापुर के गोसाईंपुर का सुनील यादव, चौबेपुर के धन्नीपुर पचरांवा का अजीम अहमद, लखनऊ के आलमबाग के गढ़ी कनौरा हरचंदपुर के सलीम उर्फ मुख्तार शेख और भदोही जिले के गोपीगंज के बर्जीकला निवासी पिंटू उर्फ रुद्रेश उपाध्याय और कानपुर व बनारस में छिप कर रहने वाले रईस बनारसी पर 50 हजार का इनाम घोषित है।
इन बदमाशों को गिरफ्तार करना तो दूर, पुलिस इनके ठिकानों तक भी नहीं पहुंच पा रही है। वहीं, एसटीएफ भी इन बदमाशों के खिलाफ कुछ खास कार्रवाई नहीं कर सकी।