पंचायत चुनावः नक्सलवाद पर नियंत्रण के लिए चंदौली में चार जिलों की पुलिस व पीएसी के अफसरों ने किया मंथन
उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए सुरक्षा बल अलर्ट है। बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर भी चौकसी बरती जा रही है। वन क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सोमवार को चंदौली जनपद में चार जिलों के पुलिस व पीएसी के अधिकारियों ने बैठक किया। नौगढ़ थाने के सभागार में चंदौली के अलावा बिहार राज्य के कैमूर, मिर्जापुर व सोनभद्र पुलिस व पीएसी के अधिकारियों ने मंथन किया। इसमें सतर्कता बढ़ाने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर सहमति बनी। तय हुआ कि कांबिंग बढ़ाकर नक्सल गतिविधियों पर नजर रखी जाए।
एडिशनल एसपी नक्सल अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई बैठक में पिछले दिनों नौगढ़ के चकरघट्टा थाना क्षेत्र के वन चौकी गंगापुर में तोड़फोड़ के मामले पर चर्चा की गई। साथ ही जेल से छूटकर आए नक्सलियों की आय के स्रोतों का व उनसे मिलने-जुलने वालों का पता लगाने पर मंथन किया गया। बीईओ अरविंद यादव ने बताया कि दो दर्जन से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय की स्थिति बहुत ही खराब है। सूचना दिए जाने के बाद भी पंचायती राज विभाग निर्माण कार्य नहीं करा रहा है।
पंचायत चुनाव के मद्देनजर सभी विभागों में समन्वय व सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान व एक्शन लेने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के गरीबों का बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के साथ पुलिस व पीएसी की कांबिंग बढ़ाकर नक्सल गतिविधियों पर नजर रखी जाए। इस मौके पर कैमूर के एडिशनल एसपी नितिन कुमार, डीएफओ रामनगर दिनेश सिंह, एसडीएम डा. अतुल गुप्ता, सीओ नक्सल चुनार सुशील कुमार यादव, सीओ नक्सल सोनभद्र अभिनव यादव, वन क्षेत्राधिकारी रिजवान खान व इमरान खान, सीआईडी इंस्पेक्टर वेदव्यास मिश्रा, थाना प्रभारी रामउजागिर, थानाध्यक्ष चकरघट्टा इ. राजेश सरोज सहित चिकित्सा, बेसिक शिक्षा, पीडब्ल्यूडी व विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद थे।