एमएलसी चुनाव आज: वाराणसी में बेहद दिलचस्प मुकाबला, 4949 मतदाता करेंगे वोटिंग
विधानसभा चुनाव के ठीक बाद से शुरू हुए एमएलसी चुनाव के प्रचार की भागदौड़ और शोर गुरुवार को थमा। वाराणसी में भाजपा से सुदामा पटेल, सपा से उमेश कुमार और जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह मैदान में हैं।
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वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव (एमएलसी चुनाव) के लिए आज मतदान जारी है। वाराणसी, चंदौली और भदोही जिले में स्थित मतदान केंद्रों पर मतदाता पहुंच रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा लगातार अपडेट ले रहे हैं। मतदान लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
विधानसभा चुनाव के ठीक बाद से शुरू हुए एमएलसी चुनाव के प्रचार की भागदौड़ और शोर गुरुवार को थमा था। भाजपा से डा. सुदामा पटेल, सपा से उमेश कुमार और जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह उर्फ अरुण सिंह की पत्नी व पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह मैदान में हैं। पिछली बार भाजपा ने बृजेश सिंह का समर्थन किया था। लेकिन इस बार हालात दूसरे हैं। त्रिकोणीय माने जा रहे मुकाबले में 4949 मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
इसमें वाराणसी में 1875, चंदौली 1720 व भदोही जिले में 1354 मतदाता हैं। वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के वाराणसी में 11, चंदौली में नौ और भदोही में छह मतदान मतदान केंद्र होंगे। स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में संसद सदस्य, विधानसभा सदस्य, विधान परिषद सदस्य, नगर निगम के पार्षद व महापौर, नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, जिला व क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, छावनी परिषद के सदस्य व ग्राम पंचायत के प्रधान मतदान करेंगे।
बैगनी रंग के पेन से ही मतदान
जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया बैलेट पेपर से होने वाले इस चुनाव में बैगनी रंग के पेन से ही प्रत्याशी के सामने खड़ी पाई बनाकर मतदान किया जाता है। मतदान के बाद चंदौली और भदोही के एडीएम बैलेट बॉक्स लेकर कड़ी सुरक्षा में वाराणसी स्थित पहड़िया मंडी के स्ट्रांग रूम आएंगे।
इस बार धौरहरा परिवार के वर्चस्व को मिली है चुनौती
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पर पिछले 24 साल से कब्जा जमाए बैठे धौरहरा परिवार को इस चुनाव में चुनौती मिली है। उधर, भाजपा के सामने वाराणसी जैसी प्रतिष्ठापरक सीट पर इस चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई है। सपा भी अपनी खोई जमीन यहां तलाशने में जुटी है।
सेंट्रल जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह के बड़े भाई उदयभान सिंह उर्फ चुलबुल सिंह एमएलसी सीट पर वर्ष 1998 में एमएलसी बने। दो बार एमएलसी चुने गए और पंचायत चुनाव में उनका दबदबा जगजाहिर ही है।
इसके बाद वर्ष 2010 में बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह बसपा के टिकट से इस सीट पर एमएलसी बनी। इसके बाद वर्ष 2016 में बृजेश सिंह मैदान में उतरे तो भाजपा ने उन्हें समर्थन दिया और उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। हालांकि इस बार भाजपा ने प्रत्याशी उतारकर बृजेश सिंह को वॉकआउट देने से इनकार कर दिया। ऐसे में अब परिणाम पर सबकी निगाह टिकी है।