UP Chunav 2022: बनारस में महिलाएं और पहली बार के मतदाता बनेंगे प्रत्याशियों के भाग्य विधाता
बनारस में पिछले विधानसभा चुनाव में पुरुषों के मुकाबले महिला मतदान दो फीसदी ज्यादा हुआ था। इस बार के चुनाव में 13 लाख 75 हजार महिलाएं अहम भूमिका निभाएंगी।
विस्तार
विधानसभा चुनाव में बनारस के आठ विधानसभा क्षेत्रों में महिलाएं और पहली बार के मतदाता, प्रत्याशियों के भाग्य तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। पिछले विधानसभा चुनाव में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने दो फीसदी ज्यादा मतदान कर अपनी ताकत भी दिखाई थी।
पांच साल में करीब सवा लाख महिला मतदाताओं की संख्या जिले में बढ़ गई है। महिला मतदाताओं की खामोशी भी जरूर प्रत्याशियों के माथे पर बल डाले हुए है। इसके साथ ही पहली बार मतदान करने वाले 30 हजार से ज्यादा युवा मतदाताओं का निर्णय भी प्रत्याशियों का भविष्य तय करेगा।
वाराणसी की आठों विधानसभा क्षेत्र में पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या भले ही थोड़ी कम है। लेकिन महिला मतदाताओं तक प्रत्याशियों की कम पहुंच और खामोशी से मतदान के चलते उनकी भूमिका हमेशा ही महत्वपूर्ण रही है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 12 लाख 52 हजार 419 महिला मतदाता जिले में थी, जो अब बढ़कर 13 लाख 75 हजार 860 हो गई है। यह कुल मतदाताओं का करीब 40 फीसदी है। पिछले चुनाव में वाराणसी में 61.63 फीसदी मतदान हुआ था और इसमें महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ते हुए 62.47 फीसदी मतदान किया था। जबकि पुरुष मतदान यहां 60.95 फीसदी हुआ था।
हालांकि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं का तद फीसदी पुरुषों के मुकाबले एक फीसदी कम हुआ था, मगर उनकी निर्णायक भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। पुरुषों के 57.9 फीसदी मतदान के मुकाबले महिलाओं का मत फीसदी 56.64 था।
यही कारण है कि अब महिलाओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रत्याशियों के परिवार की पत्नी, बहन, मां सहित अन्य महिला सदस्य सक्रिय होने लगी हैं। राजनीतिक दल भी महिला मतदाताओं को साधने में हर संभव कोशिश में जुटी हैं।
बनारस में मतदाता, एक नजर में
कुल मतदाता- 30 लाख 29 हजार 215
पुरुष मतदाता- 16 लाख 53 हजार 170
महिला मतदाता- 12 लाख 52 हजार 419
वर्ष 2017 में महिलाओं का वोट- 62.47 फीसदी
वर्ष 2012 में महिलाओं का वोट- 56.64 फीसदी