UP Budget 2022: वाराणसी के रिवर फ्रंट परियोजना को बजट में मिली उड़ान, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और मेट्रो की भी सौगात
योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट गुरुवार को पेश किया। यूपी सरकार के 2022-23 के बजट में वाराणसी के हिस्से कई शानदार योजनाएं आईं हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी के गंगा घाटों पर पर्यटकों के दबाव को कम करने और लोगों को वैकल्पिक मार्ग देने के लिए प्रस्तावित रामनगर से पड़ाव तक फोरलेन सड़क बनने का रास्ता अब और साफ हो गया है। कुछ माह पहले कैबिनेट से परियोजना की मंजूरी मिली थी और अब 500 करोड़ रुपये बजट का भी प्रावधान कर दिया गया। गुरुवार को विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसकी घोषणा की।
इसके साथ ही यूपी सरकार के बजट में वाराणसी को इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और मेट्रो की भी सौगात मिली है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट गुरुवार को पेश किया। योगी आदित्यनाथ सरकार के 2022-23 के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के हिस्से कई शानदार योजनाएं भी आई हैं।
बजट में वाराणसी को क्या-क्या मिला
- रिवर फ्रंट परियोजना के लिए 500 करोड़ के बजट की व्यवस्था।
- वाराणसी में पर्यटन सुविधाओं के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए 95 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
- गोरखपुर के साथ ही वाराणसी में मेट्रो परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
- निर्मल गंगा तट से काशी विश्वनाथ धाम पहुंच मार्ग के विस्तारीकरण के लिए 77 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
- मेरठ के साथ ही वाराणसी में ग्रीन फील्ड डेयरी प्लांट की निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए 79 करोड़ 82 लाख रुपये प्रस्तावित।
- संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में मुफ्त ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण के लिए एक करोड़ 16 लाख रुपये प्रस्तावित
- संत रविदास संग्रहालय एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना के लिए 25 करोड़ और संत कबीर केंद्र की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये प्रस्तावित
- सारनाथ डियर पार्क में वन्य जीवों के प्रबंधन और पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये प्रस्तावित
- यूपी के सभी जिलों के साथ वाराणसी में भी 'खेलों इंडिया' के तहत सेंटर बनाए जाएंगे
- सेफ सिटी योजना के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए वाराणसी, लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, गोरखपुर और प्रयागराज में योजना लागू किए जाने के लिए 523 करोड़ 34 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
क्या है रिवर फ्रंट परियोजना
गंगा घाटों पर पर्यटकों के दबाव को कम करने और लोगों को वैकल्पिक मार्ग देने के लिए वाराणसी के रामनगर से पड़ाव के बीच बनने वाली फोरलेन सड़क गंगा के किनारे बांध की तरह ऊंचाई से गुजरेगी। पड़ाव से रामनगर के बीच बनने वाली 6.8 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण गंगा के तल से 100 फीट की ऊंचाई से होगा।
फोरलेन सड़क के बीच पांच फीट चौड़ा डिवाइडर और दोनों किनारों पर 30 फीट चौड़ी सर्विस लेन बनाई जाएगी। सड़क के बाद 8-8 फीट की पटरी बनेगी, इसके बाद 3-3 फीट के नाले का निर्माण होना है। इस तरह अब यह सड़क कुल 86 मीटर चौड़ी बनेगी, ताकि आने जाने वाले राहगीरों को राहत मिले।
साथ ही इस सड़क को बाईपास के चौड़ीकरण के साथ मिलाया जाएगा। इस सड़क का गंगा पार रेती से सीधा जुड़ाव होने के कारण चंदौली, मिर्जापुर, बिहार और मध्य प्रदेश सहित अन्य शहरों के सैलानी व श्रद्धालु बिना शहर में प्रवेश किए सीधे गंगा घाटों पर पहुंच जाएंगे।
सरकार के बजट से उद्योगों का होगा विकास: आरके चौधरी
इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने राहत भरा बजट पेश किया है। इससे न सिर्फ उद्योगों का विकास होगा बल्कि नए उद्योगों का सृजन भी होगा। बजट में प्रदेश सरकार द्वारा अधिकाधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक वातावरण का सृजन किया गया है। नए उद्योग लगेंगे तो लोगों को रोजगार भी मिलेगा और प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कुल मिलाकर विकासोन्मुख बजट है। आम आदमी के साथ उद्योगों को गति देने वाला बजट सरकार ने पेश किया। इस बजट का पूर्वांचल के उद्यमियों ने स्वागत किया है।
किसी भी प्रकार का राहत नहीं, पूर्वांचल को नहीं मिला कोई पैकेज
महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा, महामंत्री अशोक जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुज डीडवानिया, उपाध्यक्ष सोमनाथ विश्वकर्मा बताया कि बजट में प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था, महिला सुरक्षा, रोजगार, कृषि सहित सभी सेक्टरों में फोकस किया गया लेकिन व्यापारियों को कोई रहात नहीं दी गई।
बजट में पूर्वांचल के लिए किसी भी प्रकार का पैकेज नहीं मिला है। व्यापारियों को भी किसी भी प्रकार की राहत बजट से नहीं मिली है। प्रदेश सरकार ने व्यापारियों को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया है। कहा कि आज प्रदेश से लेकर देश में खुदरा व्यापारी दिन पर दिन आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। ना तो केंद्र सरकार और ना प्रदेश सरकार व्यापारियों को किसी प्रकार की राहत दे रही है। सभी ने केंद्र और प्रदेश सरकार से खुदरा व्यापारियों को भी उद्यमियों के तर्ज पर लोन व जीएसटी में छूट देने की मांग की।