'स्मार्ट सिटी' में 'अनस्मार्ट' सीवर कार्य: महीनेभर से खोदी सड़क बनी मुसीबत, व्यापार चौपट; लोग बोले- राहत दे दो
Varanasi News: वाराणसी के धूपचंडी चौराहा-चौकाघाट मार्ग पर महीनेभर से चल रहे सीवर निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से स्थानीय लोग परेशान हैं। सड़क खुदी होने से व्यापार प्रभावित, आवागमन बाधित और बारिश में कीचड़ से हालात बदतर हो गए हैं। लोगों ने जलकल विभाग और नगर निगम से निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है।
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Smart City Varanasi: स्मार्ट सिटी वाराणसी की विकास योजनाओं पर सवाल उठाते हुए वार्ड नंबर 61 के स्थानीय लोगों ने जलकल विभाग और नगर निगम की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। धूपचंडी चौराहे से चौकाघाट मार्ग पर पिछले एक महीने से चल रहे सीवर कार्य के कारण सड़क खोदी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिससे आमजन, व्यापारी और छात्र-छात्राओं को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी अंशु त्रिपाठी, शिवानंद मिश्रा, राकेश, कमल, सोनू, चंदन जायसवाल, रामू और विवेक दुबे सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि सड़क पर खुदाई के बाद मलबा और गंदगी फैली हुई है। मजदूर दिनभर नियमित रूप से काम नहीं करते। उनका कहना है कि कर्मचारी एक-दो घंटे काम करने के बाद चले जाते हैं और काफी देर बाद लौटते हैं। यदि व्यवस्थित तरीके से लगातार काम किया जाए तो सीवर परियोजना समय से पहले पूरी हो सकती है।
क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि सड़क बंद होने से उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है। चौकाघाट और लहुराबीर की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को पुलिस संस्कृत विश्वविद्यालय के पास ही रोक देती है। ऐसे में गोदाम तक सामान पहुंचाने के लिए ट्रॉली का सहारा लेना पड़ रहा है। उनका कहना है कि माल ढुलाई की अतिरिक्त लागत से कारोबार प्रभावित हो रहा है और छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय दुकानदारों ने भी शिकायत की कि सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। इससे छोटे-छोटे कारोबार और दुकानदारी प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से पूरे इलाके का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
महिलाओं ने बताया कि बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। बच्चों ने कहा कि स्कूल जाते समय फिसलकर गिरने का डर बना रहता है। वहीं बुजुर्गों ने बताया कि सुबह की सैर पूरी तरह प्रभावित हो गई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य कब पूरा होगा, यह पूछने पर मौके पर मौजूद कर्मचारी भी संतोषजनक जवाब नहीं देते।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सीवर निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। उनका कहना है कि यदि कार्य व्यवस्थित ढंग से और लगातार कराया जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है। उन्होंने जलकल विभाग और नगर निगम से निर्माण की गति बढ़ाने तथा सड़क को जल्द चालू कराने की मांग की है।